
लाठी गांव में शनिवार को सुबह पुलिस थाने के पास एक कार अचानक पलट गई, जिससे उसमें सवार एक वृद्ध की मौत हो गई। हादसे में उसकी पत्नी सहित 5 जने घायल हो गए। बताया जा रहा है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ जाने से हादसा हुआ है। घायलों का गांव के राजकीय अस्पताल में उपचार किया गया। जानकारी के अनुसार सांचौर जिले के कासोला गांव निवासी अमरदान (62) पुत्र नाथूदान चारण, उनकी पत्नी हंसकंवर (50), पुत्र सुमेरदान (33), पौत्र उत्तमदान (14) और आलमसर निवासी उनकी दोहिती चंदूकंवर (18) व सुशीलाकंवर (16) पुत्री पूनमदान शुक्रवार शाम एक कार से तेमड़ेराय माता मंदिर में दर्शनों के लिए आए थे।
दर्शनों के बाद उन्होंने रात्रि विश्राम भी मंदिर में ही किया। शनिवार सुबह वे बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर के दर्शनों के लिए रवाना हुए। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 11 पर गांव में पुलिस थाने के पास अचानक चालक को नींद की झपकी आ गई, जिससे कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई। घटना में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। उसमें सवार अमरदान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य परिवारजन गंभीर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। यहां से गुजर रहे गांव के अली खां ने तत्काल घायलों को कार से बाहर निकाला और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस के महिपाल विश्नोई मौके पर पहुंचे और घायलों को लाठी अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने अमरदान को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल हंस कंवर व चंदूकंवर को जोधपुर रैफर किया गया। अन्य घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दी गई। सूचना पर थानाधिकारी नाथसिंह चारण, सहायक उपनिरीक्षक पदमचंद गोयल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। इसके बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों से घटना की जानकारी ली और जांच शुरू की।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनगढ़ में शनिवार को फायर सेफ्टी को लेकर जागरूकता बढ़ाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इस दौरान चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. मनोहर सिंह भाटी के नेतृत्व में अस्पताल स्टाफ को आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मचारियों को समझाया गया कि संस्थान परिसर में आग लगने पर घबराने के बजाय संयम और सतर्कता के साथ स्थिति को नियंत्रित करना आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्र के सही उपयोग की विधि बताई गई तथा विभिन्न प्रकार की आग पर काबू पाने के तरीके व्यवहारिक रूप से प्रदर्शित किए गए। डॉ. भाटी ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर फायर सेफ्टी की जानकारी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यहां मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि रहती है। मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन स्थिति का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिससे स्टाफ को वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव मिला। कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
Published on:
02 May 2026 08:46 pm
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