जैसलमेर

Jaisalmer: गहनों की बदली पसंद, आर्टिफिशियल ज्वेलरी का बढ़ा आकर्षण, फैशन और बजट दोनों का संतुलित विकल्प

जैसलमेर के सर्राफा बाजार में महंगे होते सोने और बढ़ी कस्टम ड्यूटी के बीच ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। भारी आभूषणों की जगह अब हल्के वजन, आधुनिक डिजाइन और बजट में फिट गहनों की मांग बढ़ गई है। वहीं सोने की ऊंची कीमतों का लाभ आर्टिफिशियल ज्वेलरी बाजार को भी मिल रहा है, जिसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
2 min read
Jul 01, 2026
gold
जैसलमेर. आधुनिक डिजाइन वाले आभूषणों की मांग बढऩे के साथ आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी मजबूत विकल्प बनकर उभरी है।

जैसलमेर. सर्राफा बाजार में अब गहनों की चमक पर ग्राहकों की बदलती सोच हावी हो रही है। सोने पर प्रभावी आयात (कस्टम) ड्यूटी 15 प्रतिशत किए जाने और लगातार ऊंचे भाव के बाद खरीदारी का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले जहां सोने के भारी आभूषण प्रतिष्ठा और निवेश का मजबूत माध्यम माने जाते थे, वहीं अब ग्राहक उपयोगिता, आकर्षक डिजाइन, हल्के वजन और बजट को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका असर बाजार की मांग से लेकर शो-रूम के कलेक्शन तक साफ दिखाई देने लगा है। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि पहले शादी-ब्याह के लिए भारी हार, कड़े और बड़े सेटों की मांग अधिक रहती थी, लेकिन अब कम वजन वाले आधुनिक डिजाइन तेजी से पसंद किए जा रहे हैं। ग्राहक ऐसे आभूषण चाहता है, जिन्हें पारिवारिक समारोह के साथ रोजमर्रा में भी आसानी से पहना जा सके। महंगे सोने के कारण खरीदारी का बजट भी पहले की तुलना में सीमित हुआ है। सोने की बढ़ती कीमतों का असर आर्टिफिशियल ज्वेलरी बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आधुनिक डिजाइन, कम कीमत और हर अवसर के अनुरूप उपलब्ध विकल्पों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। पहले जहां इसे केवल फैशन का विकल्प माना जाता था, वहीं अब कई परिवार विवाह, सामाजिक आयोजनों और दैनिक उपयोग के लिए भी आर्टिफिशियल ज्वेलरी को अपना रहे हैं।

हकीकत: बदल गया गहनों का गणित

कुछ समय पहले

-भारी सोने के सेट पहली पसंद

-निवेश को प्राथमिकता

-वजन देखकर खरीदारी

-पारंपरिक डिजाइन का दबदबा

-शादी-ब्याह में बड़े सेटों की मांग

अब मौजूदा समय

-हल्के और स्टाइलिश आभूषण पहली पसंद

-उपयोगिता और बजट पर फोकस

-डिजाइन और कम्फर्ट देखकर खरीदारी

-मॉडर्न व मिनिमल डिजाइन का ट्रेंड

-हर अवसर के लिए अलग-अलग ज्वेलरी का चयन

आकर्षक डिजाइन वाले गहनों का बढ़ा प्रचलन

हाल के महीनों में 18, 20 और 22 कैरेट के अपेक्षाकृत हल्के आभूषणों की मांग बढ़ी है। युवा वर्ग कम वजन के साथ आकर्षक डिजाइन और बेहतर फिनिशिंग वाले गहनों को प्राथमिकता दे रहा है। अब ग्राहक पहले की तरह केवल वजन नहीं पूछता, बल्कि डिजाइन, उपयोगिता और बजट को ध्यान में रखकर खरीदारी करता है।

-त्रिलोकचंद सोनी, व्यापारी

बाजार की नई तस्वीर

-सोने पर प्रभावी आयात (कस्टम) ड्यूटी 15 प्रतिशत

-ऊंची कीमतों से निवेश आधारित खरीदारी प्रभावित

-हल्के आभूषणों की मांग में बढ़ोतरी

-आर्टिफिशियल ज्वेलरी का बढ़ता आकर्षण

-आधुनिक डिजाइन और कस्टमाइज्ड कलेक्शन पर जोर

-ग्राहकों की पसंद के अनुसार बदल रही बिक्री रणनीति

एक्सपर्ट व्यू

सोने पर प्रभावी आयात ड्यूटी 15 प्रतिशत होने के बाद बाजार में खरीदारी का व्यवहार बदला है। निवेश आधारित खरीदारी प्रभावित हुई है, जबकि ग्राहक अब जरूरत, बजट और उपयोगिता को प्राथमिकता दे रहा है। हल्के और आधुनिक डिजाइन वाले आभूषणों की मांग बढ़ी है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी मजबूत विकल्प बनकर उभरी है। ऊंची आयात ड्यूटी से वैध कारोबार पर दबाव बढ़ता है और तस्करी का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे समय में गुणवत्ता, भरोसा और ग्राहकों की बदलती पसंद के अनुरूप कलेक्शन तैयार करना सर्राफा कारोबार की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।

-भंवरसिंह राजपुरोहित, अध्यक्ष, इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन, जोधपुर

Published on:
01 Jul 2026 07:49 pm