जैसलमेर

बडोड़ा गांव की कमान, महिला सरपंच संतोष कंवर के हाथ

बडोड़ा गांव की कमान, महिला सरपंच संतोष कंवर के हाथ
2 min read
• •
Updated: 27 May 2021, 7:54 PM IST
बडोड़ा गांव की कमान, महिला सरपंच संतोष कंवर के हाथ
बडोड़ा गांव की कमान, महिला सरपंच संतोष कंवर के हाथ

बडोड़ा गांव (जैसलमेर). जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर बसा है बडोडा गांव। करीब साढ़े सात हजार की आबादी वाला यह गांव जिला मुख्यालय से डामर सड़क से सीधा जुड़ा हुआ है। इस बार ग्राम पंचायत के विकास की कमान महिला सरपंच संतोष कंवर के हाथ है। गांव में बारहवीं तक का हाई स्कूल तथा दसवीं तक बालिका विद्यालय है। गांव 1984 से विद्युतीकृत है, पीने के पानी के लिए यहां मीठे जल के 4 सरकारी नलकूप खुदे हुए हैं तथा क्षेत्र में 400 के लगभग निजी ट्यूबेल स्थित है। गांव में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा पशु डिस्पेंसरी भी है। पंचायत के आशायच, जसकरणपुरा, अभयनगर तथा सुखसिंह नगर गांव अभी भी पंचायत मुख्यालय से सड़क मार्ग से नहीं जुड़े हुए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी अभी तक सब सेंटर भवन में चल रहा है। पीएचसी का खुद का कोई भवन नहीं है। यहां चिकित्सा सुविधाओं की दरकार है। परिवहन की दृष्टि से सार्वजनिक परिवहन नाम मात्र का है। रोडवेज की कोई सुविधा नहीं है। कृषि क्षेत्र होने के बावजूद यहां खाद बीज की दुकान नहीं है तथा अनाज खरीदने की भी कोई सुविधा नहीं है बडोडा गांव सरपंच महिला इन दिनों कोराना काल में ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक प्रबंधों के साथ सहभागिता कर रही है। ग्रामीण बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में बडोडा गांव में जन हानि भी हुई है। करीब एक महीने में दो दर्जन मौत हो चुकी है। आमतौर पर इतनी मौतें अमूमल एक साल में होती हैं। सरपंच प्रशासन चिकित्सा विभाग पुलिस तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से महामारी को नियंत्रित करने में जुटी है। सरपंच संतोष कंवर बताती है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण तथा मेडिकल सुविधाओं के अलावा उनकी प्राथमिकता में गांव की साफ-सफाई तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना भी है। इसके अलावा गरीब तथा वंचित तबके के लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोडऩा भी उनकी प्राथमिकताओं की फेहरिस्त में शामिल है।

Published on: