- ग्रामीण व नहरी क्षेत्र के दौरे के दौरान सुनी समस्याएं
पोकरण. राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण विभाग के मंत्री व पोकरण विधायक शाले मोहम्मद ने कहा कि राज्य की संवेदनशील सरकार व मुख्यमंत्री आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मंत्री शाले मोहम्मद ने गुरुवार को क्षेत्र के छायण, दिधु, अवाय, पांचे का तला, जीटीडी व इस्माइल का फांटा गांवों व नहरी क्षेत्र के चकों का दौरा किया। यहां ग्रामीणों व किसानों से मुलाकात कर मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था करते हुए आमजन को राहत दिलाने के लिए कार्य किया जा रहा है। साथ ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी की जिम्मेवारी तय कर समस्या के प्राप्त होने पर 15 दिन में उनकी समीक्षा की जा रही है तथा समस्या के समाधान के लिए पाबंद किया जा रहा है। साथ ही लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज होने वाले प्रकरणों की भी नियमित मोनीटरिंग की जा रही है तथा मुख्यमंत्री स्वयं प्रकरणों की समीक्षा करते है, ताकि आमजन को समस्याओं से राहत मिल सके। साथ ही अधिकारियों को भी प्रतिदिन एक घंटे कार्यालय में जनसुनवाई के निर्देश दिए गए है, ताकि कार्यालय आने वाले पीडि़त को राहत मिल सके।
30 लाख से होगा सड़क का निर्माण
मंत्री शाले मोहम्मद ने दौरे के दौरान छायण के ग्रामीणों को बताया कि उनकी ओर से विधायक मद से 30 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिससे टेकरा से छायण तक सात किमी डामर सड़क का निर्माण करवाया जाएगा। इस सड़क मार्ग के निर्माण से ग्रामीणों को राहत मिलेगी तथा ग्रामीण जोधपुर जिले से जुड़ सकेंगे। इसी प्रकार अवाय गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कृषि संकाय खुलने पर ग्रामीणों ने मंत्री का अभिनंदन किया और उनका आभार जताया।
अधिकारियों को किया निर्देशित
दौरे के दौरान गुमानपुरा में स्वीकृत जीएसएस का कार्य शीघ्र करवाने, नहरी क्षेत्र में सिंचाई का पर्याप्त पानी दिलाने, नहरों में जमा रेत निकलवाने, सफाई करवाने की मांग की। इसी प्रकार ग्रामीणों व किसानों ने पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, रोजगार आदि समस्याओं से अवगत करवाया। जिस पर मंत्री शाले मोहम्मद ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण के लिए निर्देशित किया।