पर्यटन नगरी में उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटक भी बाजार व्यवस्था का हिस्सा बनते हैं।
पर्यटन नगरी में उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटक भी बाजार व्यवस्था का हिस्सा बनते हैं। ऐसे में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और बाजार में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। इन सबके बीच वास्तविकता यह है कि शहर में कई उपभोक्ता आज भी अधिक कीमत वसूली, घटिया गुणवत्ता और ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जागरुकता की कमी और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से अनभिज्ञता के कारण कई मामले सामने ही नहीं आ पाते। शहर के बाजारों में उपभोक्ताओं की सबसे आम शिकायत एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने को लेकर सामने आती है। विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों और व्यस्त बाजारों में कई बार निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें मिलती रहती हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार पैक्ड पानी और कोल्ड ड्रिंक पर अधिक कीमत, स्नैक्स और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर अतिरिक्त राशि और पर्यटन सीजन में कीमतों में अचानक वृद्धि जैसे मामले सामने आते रहे हैं। हालांकि प्रशासन समय-समय पर जांच अभियान चलाता है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई उपभोक्ता शिकायत दर्ज नहीं कराते। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए समस्या और भी जटिल हो जाती है क्योंकि कई बार शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती।
डिजिटल युग में ऑनलाइन खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ा है। जैसलमेर में भी बड़ी संख्या में लोग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से सामान मंगवा रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही नई समस्याएं भी सामने आ रही हैं—
-ऑर्डर किए गए उत्पाद से अलग सामान मिलना
-खराब या क्षतिग्रस्त उत्पाद की डिलीवरी
-रिफंड और रिटर्न प्रक्रिया में देरी
-ग्राहक सेवा से संतोषजनक जवाब नहीं मिलना
अधिकारों की रक्षा के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की व्यवस्था
उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की व्यवस्था की गई है। यहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर सकते है। विशेषज्ञों के अनुसार बहुत से लोग प्रक्रिया से अनजान रहते हैं और छोटे मामलों में शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं या फिर समय और दस्तावेजी प्रक्रिया को लेकर संकोच करते हैंं। यदि अधिक लोग जागरूक होकर शिकायत दर्ज कराएं तो बाजार व्यवस्था में सुधार संभव है।
उपभोक्ताओं के प्रमुख अधिकार
-सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पाने का अधिकार
-सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार
-उचित मूल्य पर वस्तु खरीदने का अधिकार
-शिकायत दर्ज कराने और न्याय पाने का अधिकार
जागरूकता से बदल सकती है तस्वीर
जैसलमेर जैसे पर्यटन शहर में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यहां स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी खरीदारी करते हैं। यदि प्रशासन, व्यापारिक संगठन और नागरिक मिलकर उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं तो बाजार व्यवस्था अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन सकती है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष पवन ओझा के अनुसार उपभोक्ता संरक्षण कानून अधिक मजबूत और प्रभावी हो चुका है। बाजार व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए उपभोक्ता जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कारक है। यदि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और गलत वसूली या खराब सेवा के खिलाफ आवाज उठाएं, तो बाजार में पारदर्शिता स्वत: बढऩे लगती है।