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रामदेवरा स्टेशन पुनर्विकास ने पकड़ी रफ्तार, आधुनिक सुविधाओं से बदलेगा स्वरूप

रामदेवरा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अब गति पकड़ चुका है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अंतर्गत करीब 18.84 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन को आधुनिक रूप दिया जा रहा है।

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रामदेवरा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अब गति पकड़ चुका है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अंतर्गत करीब 18.84 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज के लिए गर्डर लॉन्चिंग का महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।

रामदेवरा धाम देशभर में लोकदेवता बाबा रामदेवजी के प्रति गहरी आस्था का केंद्र है। हर वर्ष भादवा मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सामाजिक समरसता और समानता के प्रतीक के रूप में इस स्थल की पहचान रही है, जहां सभी वर्गों के लोग एक साथ श्रद्धा व्यक्त करते हैं।धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के विकास को प्राथमिकता दी गई है। वर्तमान में दो प्लेटफॉर्म वाले इस स्टेशन पर सीमित सुविधाएं हैं, जो मेले के दौरान बढ़ती भीड़ के सामने अपर्याप्त साबित होती हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अब यहां व्यापक स्तर पर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाएं

पुनर्विकास योजना में नया स्टेशन भवन, विस्तृत प्रतीक्षालय, आधुनिक शौचालय, रिटायरिंग रूम, फूड प्लाजा और बेहतर पार्किंग व्यवस्था शामिल हैं। साथ ही दिव्यांगजन के अनुकूल सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर, ब्रेल साइनेज, फ्री वाई-फाई और उन्नत पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम भी विकसित किए जा रहे हैं। फुट ओवर ब्रिज का निर्माण यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इससे प्लेटफॉर्म के बीच आवागमन सुगम होगा और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। रेलवे के अनुसार गर्डर लॉन्चिंग के बाद अब निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा रही है। परियोजना को जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी भादवा मेले से पहले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके। उम्मीद जताई जा रही है कि पुनर्विकास के बाद रामदेवरा रेलवे स्टेशन आस्था, सुविधा और आधुनिकता का संगम बनकर उभरेगा।

परिवार कल्याण कार्यक्रम: जैसलमेर को मिला तीसरा स्थान पाया, सीएमएचओ सम्मानित

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और यूएनएफपीए के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को जयपुर में परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं डीवीडीएमएस-एफपीएलएमआइएस इंटीग्रेशन पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान परिवार कल्याण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई और एफपीएलएमआइएस के संचालन पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में वर्ष 2025-26 में एफपीएलएमआइएस के संचालन में जैसलमेर जिले को राज्य में तीसरा स्थान हासिल करने पर सम्मानित किया गया। आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रत्नेश्वर और परियोजना निदेशक (परिवार कल्याण) डॉ. सुरेंद्रसिंह शेखावत ने जैसलमेर के सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर परम सुख सैनी और उमेश पारीक भी उपस्थित थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में परिवार नियोजन सेवाओं में गुणवत्ता आश्वासन,एफपीएलएमआइएस-डीवीडीएमएस के प्रभावी उपयोग और मोबाइल ऐप के संचालन पर विशेष बल दिया गया। निदेशक (आरसीएच) डॉ. मधु रत्नेश्वर ने निर्देशित किया कि परिवार नियोजन सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए तथा लॉजिस्टिक्स प्रबंधन प्रणाली को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ किया जाए।