जैसलमेर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जवाहिर हॉस्पिटल में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और विशेषज्ञता का उदाहरण सामने आया है। यहां पहली बार पेट में छह किलोग्राम वजनी विशाल गांठ का जटिल ऑपरेशन किया गया।
जैसलमेर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय जवाहिर हॉस्पिटल में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और विशेषज्ञता का उदाहरण सामने आया है। यहां पहली बार पेट में छह किलोग्राम वजनी विशाल गांठ का जटिल ऑपरेशन किया गया। भारत–पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में रहने वाली करीब 60 वर्षीय महिला पिछले तीन माह से पेट में तेज सूजन और लगातार दर्द से पीड़ित थी। उम्र के इस पड़ाव में वह अपने परिजनों को परेशानी नहीं देना चाहती थी, इसलिए दर्द सहती रही।
समस्या बढ़ने पर परिजन महिला को लगभग 150 किलोमीटर दूर जैसलमेर लेकर पहुंचे। जांच में सामने आया कि पेट के भीतर एक अत्यंत बड़ी गांठ फैल चुकी थी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। जनरल सर्जरी विभाग के असिस्ट प्रोफेसर सत्ताराम पंवार ने सभी आवश्यक जांचें कर तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। करीब सात दिन पूर्व मरीज की विस्तृत जांच के बाद सर्जरी की गई। ऑपरेशन अत्यधिक जोखिमपूर्ण था, क्योंकि गांठ फटने की स्थिति में संक्रमण फैलने और जान का खतरा बना हुआ था। विशेषज्ञ टीम ने पूरी सावधानी के साथ एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी विद लेफ्ट ओवेरियन मास एक्सीजन, टीएएच विद बीएसओ विद ओमेंटेक्टॉमी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। ऑपरेशन के दौरान निकाली गई गांठ का वजन लगभग छह किलोग्राम पाया गया।
सर्जरी के बाद मरीज को सतत निगरानी में रखा गया। एनेस्थीसिया एवं आइसीयू विशेषज्ञ नरेश शर्मा की देखरेख में महिला की हालत लगातार सुधरती गई। पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर महिला को आज अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। सर्जरी में पीएमओ डॉ. रविंद्र सांखला का मार्गदर्शन रहा। ऑपरेशन टीम में दिनेश सोनी और हेमराज वर्मा मुख्य सहायक रहे, जबकि दीपाराम सहित सर्जिकल वार्ड स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।