-अनुदान घटने व नियमों में बदलाव के बाद उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी योजना
जैसलमेर. सरहद जैसलमेर जिले में किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली सोलर पम्प योजना कागजों में ऐसी उलझ गई कि इसके लाभान्वितों की सं या सिमटने लगी है। अ ाी हालत यह है कि पहले जहां लक्ष्य से चार गुना तक किसान आवेदन करते थे, वहीं नियमों में बदलाव करने से लक्ष्य के अनुरुप भी आवेदन नहीं आ रहे। जानकारों के अनुसार सोलर प प योजना में अनुदान में कमी करने और फिर नियमों में बदलाव करने से किसानों ने इस योजना से मुंह मोड़ लिया है। हाल ही में विभाग की ओर से किसानों को अपने खेतों में सोलर प प लगाने के लिए जुलाई माह में आवेदन मांगे थे, लेकिन अब अंतिम तिथि नजदीक आने के बाद भी किसानों की ओर से इसमें आवेदन के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। वर्तमान में केवल दस किसान ऐसे है जिन्होंने सोलर प प के लिए आवेदन किया है, जो विभाग की ओर से निर्धारित लक्ष्य का 4.5 फीसदी ही है।
यह है गत दो सालों की स्थिति
वर्ष लक्ष्य आवेदन लगाए
2015-16 250 143 143
2016-17 450 10 00
इसलिए बनी हीरो से जीरो
-3 साल पहले तक इस योजना में खेत में सोलर पंप लगाने वाले किसान को 86 प्रतिशत अनुदान दिया जाता था, लेकिन अब यह व्यवस्था बदल दी गई है।
-नए नियमों के मुताबिक अनुदान घटाने के साथ-साथ नियम भी कड़े कर दिए गए हैं।
-विद्युत कनेक्शन वाले किसान को अनुदान में बहुत अधिक कटौती कर दी गई है, लेकिन बिना कनेक्शन वाले किसान के लिए इतनी महंगा सोलर लेने की स्थिति नहीं है।
-अनुदान में तीन भाग कर दिए गए है। ऐसे में किसान कागजी कार्यवाही पूरी नहीं कर पा रहे है।
ऐसे घटा अनुदान
-सोलर पंप योजना लागू करने से दो साल पहले तक पम्प लेने वाले किसान को 86 प्रतिशत अनुदान दिया जाता था, लेकिन इसके बाद 70 प्रतिशत किया गया है।
-अब अनुदान कैटेगरी अनुसार कर दिया गया, जिनके बिजली कनेक्शन नहीं है उन्हें 60 प्रतिशत, बिजली कनेक्शन है, उन्हें 30 प्रतिशत व बिजली कनेक्शन सरेण्डर करवाने वाले किसान को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
यह है चालू वित्तीय वर्ष के लक्ष्य
श्रेणी लक्ष्य
सामान्य 324
अनुसूचित जाति 72
अनुसूचित जनजाति 54
कुल 450
15 तक कर सकते है आवेदन
सोलर पंप योजना के तहत इस वर्ष 450 सोलर पम्प लगाने का लक्ष्य मिला है। अब तक दस किसानों ने आवेदन किए है। खेत में सोलर प प लगाने के इच्छुक किसान 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
-रणजीतसिंह सर्वा, सहायक निदेशक कृषि विस्तार, जैसलमेर