
जैसलमेर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को जैसलमेर में कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन और किसान संवाद के दौरान अकाल, पशुधन संकट, रोजगार और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में सूखे और अकाल के हालात के बीच चारे की कमी से हजारों पशु दम तोड़ रहे हैं, लेकिन सरकार का इस ओर ध्यान नहीं है। किसान और पशुपालक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं आम लोगों के सामने रोजगार की चुनौती बनी हुई है। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पंचायतीराज चुनाव में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। गहलोत ने पंचायतीराज चुनावों के परिसीमन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नगरीय निकाय चुनावों की तरह इसमें भी मनमानी की गई है। उन्होंने कहा कि जनता में भाजपा के प्रति नाराजगी है। कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी ताकत से जनता के साथ खड़े हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को चुनावी विमर्श के केंद्र में लाएंगे।
पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि जिले में अकाल जैसे हालात के कारण किसान और पशुपालक परेशान हैं। चारे-पानी की कमी के बीच पशुधन को बचाना चुनौती बन गया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत देने और पशुओं के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचकर जनसमस्याएं उठाने और पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। पूर्व विधायक रूपाराम धनदे ने परिसीमन और चुनावी तैयारियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष रखने की जरूरत बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों, पशुपालकों, युवाओं और ग्रामीण जनता के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहें। उन्होंने संगठन की एकजुटता और आपसी समन्वय पर जोर दिया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा कि कांग्रेस पंचायतीराज चुनाव में पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरेगी। अकाल प्रभावित किसानों और पशुपालकों की समस्याएं, चारे-पानी की व्यवस्था, ग्रामीण विकास और युवाओं का रोजगार पार्टी के प्रमुख मुद्दे होंगे। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति जनता के सामने रखी जाएगी। पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता आपसी समन्वय के साथ गांव-गांव और ढाणी-ढाणी पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष करेगी और भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी।
सम्मेलन में जिले में अकाल की स्थिति, किसानों और पशुपालकों की समस्याओं, रोजगार, ग्रामीण विकास तथा पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस दौरान पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, अब्दुल्लाह फकीर, नैनदान रत्नु, उम्मेद सिंह तंवर, जनक सिंह और जानब खान सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।