राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व गत दिनों पोकरण के उपखंड अधिकारी पद से स्थानांतरित किए गए प्रभजोतसिंह गिल लगातार सुर्खियों में हैं।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व गत दिनों पोकरण के उपखंड अधिकारी पद से स्थानांतरित किए गए प्रभजोतसिंह गिल लगातार सुर्खियों में हैं। उनकी पोस्ट व उनकी ओर से लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि आरएएस प्रभजोतसिंह गिल पोकरण में उपखंड अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। जिनका गत दिनों नागौर के मूंडवा उपखंड अधिकारी पद पर स्थानांतरण हो गया। स्थानांतरण के बाद मंगलवार की शाम उनकी ओर से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर की गई। जिसे एक घंटे बाद डिलीट कर दिया गया। बुधवार को दिन भर इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए और क्षेत्र में चर्चा बनी रही। बुधवार रात एक पत्र फिर वायरल होने लगा। हालांकि यह पूरा पत्र नहीं है। इसमें से कुछ पन्ने गायब हैं, लेकिन जो पत्र के टुकड़े वायरल हो रहे है, उनमें जैसलमेर कलक्टर पर आरोप लगाए गए हैं, जिसके चलते क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
आरएएस गिल की ओर से दो दिन पूर्व सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में कुछ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर बिना नाम लिए भ्रष्टाचार, नदी की जमीन पर अतिक्रमण, सौर ऊर्जा कंपनियों की ओर से चलाए जा रहे रिश्वत के खेल, नगरपालिका के पट्टा प्रकरण, ब्याज पर राशि देने के प्रकरण आदि को लेकर आरोप लगाए गए थे। अब उनकी ओर से कार्मिक विभाग के प्रमुख शासन सचिव को गत 7 मई को पोकरण उपखंड अधिकारी की हैसियत से लिखा गया पत्र वायरल हो रहा है। इस पत्र में जिला कलक्टर पर दबाव बनाने, नौकरी खराब करने की धमकियां देने, मजिस्ट्रेट पॉवर छीनने जैसे कई आरोप लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह पत्र क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आरएएस अधिकारी गिल की ओर से लिखे गए पत्र के संबंध में जब जिला कलक्टर प्रताप सिंह से पत्रिका ने बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो, उन्होंने कहा कि जब तक आधिकारिक रूप से उन तक कम्युनिकेट नहीं होता, वे कुछ नहीं कह सकते हैं।