
पश्चिमी विक्षोभ के असर से सख्त हुए जैसलमेर में सर्दी के तेवरों ने जन- जीवन को प्रभावित किया। कड़ाके की शीतलहर ने अपना सितम ढाया। सर्द हवाओं के चलने के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार रात जिले के कई ग्रामीण अंचलों में वाहनों की छतों और खुले मैदानों में बर्फ की पतली परत जम गई, जिससे सर्दी की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है। मोहनगढ़ क्षेत्र में रात्रि के समय चली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। मोहनगढ़ सहित नहरी क्षेत्र में खुले में खड़े वाहनों, खेतों व घास-फूस पर बर्फ की परत जमी नजर आई, जिससे सर्दी का असर और बढ़ गया। ग्रामीण दिन भर ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। ग्रामीणों ने अलाव जलाकर सर्दी से बचाव किया। मौसम विभाग के अनुसार जैसलमेर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढक़ गया है। दिन भर सर्द हवाओं के थपेड़ों से लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया। बाजारों में आम दिनों की तुलना में रौनक कम रही और सडक़ों पर आवाजाही भी सीमित रही।
सर्दी बढऩे से आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। सुबह के समय पानी की टंकियों से बर्फ के समान ठंडा पानी आ रहा है। मौसम के पूर्वानुमान अनुसार जैसलमेर में फिलहाल शीतलहर का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। रात के तापमान में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अत्यधिक सर्दी से बचाव के लिए सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से खुले में देर तक न रहने की सलाह दी है।
Published on:
24 Jan 2026 09:10 pm

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