
रबी की पकी फसलों की कटाई का समय आते ही क्षेत्र में श्रमिकों की मांग बढ़ गई है। स्थानीय श्रमिकों की कमी के कारण मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और गुजरात सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक रामदेवरा पहुंच रहे हैं। हर दिन ट्रेनों और बसों से श्रमिकों के दल यहां पहुंच रहे हैं, जिन्हें लेने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों वाहन भी पहुंच रहे हैं। मौसम के लगातार बदलते मिजाज और तेज हवाओं के कारण किसानों में फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
ऐसे में किसान जल्द से जल्द कटाई कर फसल को सुरक्षित निकालने की कोशिश में जुटे हैं। किसान अपने परिवार के साथ खेतों में काम कर रहे हैं और अतिरिक्त श्रमिकों की व्यवस्था के लिए रामदेवरा पहुंच रहे हैं। रेलवे स्टेशन और नाचना चौराहा इन दिनों प्रवासी श्रमिकों से भरे नजर आ रहे हैं। ट्रेनों से उतरते ही श्रमिकों के दल को किसान अच्छी मजदूरी और रहने-खाने की व्यवस्था का भरोसा देकर अपने साथ खेतों की ओर ले जा रहे हैं। सिर पर सामान और खाने-पीने का राशन लेकर आए श्रमिकों के दल यहां से ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वाहनों में बैठकर आसपास के खेतों की ओर रवाना हो रहे हैं।
मोहनगढ़, नाचना, भारेवाला, लोहारकी और नोख जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से किसान वाहन लेकर रामदेवरा पहुंच रहे हैं। इन क्षेत्रों में गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों की कटाई के लिए श्रमिकों की अधिक आवश्यकता है। श्रमिकों को जोड़े के आधार पर खेतों में काम पर लगाया जा रहा है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। फसल कटाई के इस मौसम का असर निर्माण कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर निर्माण कार्यों के लिए श्रमिक नहीं मिल पा रहे हैं। खेतों में रहने-खाने की व्यवस्था और बेहतर मजदूरी मिलने के कारण श्रमिक इन दिनों निर्माण कार्यों की बजाय फसल कटाई को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे नए निर्माण कार्य शुरू करने में कारीगरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Published on:
16 Mar 2026 08:33 pm
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