
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या और उसके चार दिनों बाद विख्यात मरु महोत्सव की शोभायात्रा निकलने वाली है, लेकिन स्वर्णनगरी इन दिनों अव्यवस्थाओं की बेडिय़ों में जकड़ी नजर आ रही है। शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक, सफाई, नालों और आवारा पशुओं की समस्या ने स्थानीय जन-जीवन के साथ - साथ पर्यटकों को भी असहज कर दिया है। राष्ट्रीय पर्व के माहौल में जब शहर को व्यवस्थित व स्वागत योग्य दिखना चाहिए, तब हाल उलट नजर आ रहा है।
जैसलमेर का मुख्य गांधी चौक इन दिनों अधिकतम शिकायतों का केंद्र बना हुआ है। पहले से संकरी जगह पर वाहनों की भीड़ और पर्यटकों की आवाजाही के बीच नाला ओवरफ्लो होने से बदबू, कीचड़ और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी ने चौक की छवि बिगाड़ दी है। जबकि यही वह स्थान है, जहां साल 1948 में पहली बार सार्वजनिक रूप से देश का तिरंगा फहराया गया था। स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि यह समस्या बार-बार दोहराई जाती है पर समाधान स्थायी नहीं निकाला गया।
एयरफोर्स मार्ग पर दो दिन पहले आई मामूली बरसात का पानी जमा होने से स्कूली विद्यार्थियों और राहगीरों को कठिनाई झेलनी पड़ती है। कई जगह उबड़-खाबड़ सडक़ ने दुश्वारी बढ़ाई है। शहर में प्राथमिक सेवाओं के रास्ते ही बाधित हों तो असुविधा का भार आमजन को देना पड़ता है। बारिश के दिनों में यहां कई बार हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन जल-भराव की समस्या का समाधान आज दिन तक नहीं हुआ है।
गुलासतला मार्ग से लेकर गोपा चौक, सदर बाजार और गांधी चौक की ओर जाने वाले मार्गों पर शाम होते ही ट्रैफिक जाम आम बात हो चुकी है। पर्यटक समूहों, ऑटो, टैक्सियों और निजी वाहनों की बढ़ी संख्या के कारण जाम कई बार 15-20 मिनट तक अटका रहता है। शाम को गड़ीसर पर होने वाले लाइट एण्ड साउंड शो को देखने और शो खत्म होने के बाद यहां से गुजरने वाले सैलानियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही नायक मोहल्ला में प्रतिदिन बिखरी गंदगी और कूड़े-कचरे की समस्या स्थानीय लोगों को सालभर झेलनी पड़ती है। बारिश के दिनों में कूड़े व नालों का पानी मिलकर समस्या को और गहरा बना देता है। रहवासी वर्षों से नियमित सफाई व समुचित कचरा-प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।
शहर के गोपा चौक, गड़ीसर चौराहा, हनुमान चौराहा, गांधी चौक सहित कई प्रमुख बाजारों में आवारा पशुओं का जमघट वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए संकट बना हुआ है। पशुओं की मौजूदगी के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार पर्यटक भी हादसे का शिकार हो जाते हैं व फोटोग्राफी करते समय जख्मी होते हैं।
गणतंत्र दिवस पर शहर में ध्वजारोहण कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देशभक्ति के रंग छाए रहते हैं। उसके बाद आने वाले दिनों में मरु महोत्सव की शोभायात्रा निकलने वाली है, जो विश्व भर से आने वाले सैलानियों के आकर्षण का केंद्र होती है। ऐसे में शहर की सडक़ों, स्वच्छता, यातायात और नालों की स्थिति सवाल खड़ा करती है कि क्या पर्यटन नगर देश के राष्ट्रीय पर्व और अपनी वैश्विक पहचान के अनुरूप तैयार है? शहर भ्रमण पर आए राजकोट के हरिभाई और उनकी पत्नी सरोजा ने बताया कि इतने बड़े पर्यटन केंद्र के अनुरूप जैसलमेर की व्यवस्थाएं नहीं हैं। वहीं भोपाल के नीरज बंसल, जयपुर के सुंदरलाल पाठक ने जैसलमेर में मुख्य मार्गों पर पशुओं की स्वच्छंदता से पर्यटकों को आने-वाले समस्या से अवगत कराया।
Published on:
24 Jan 2026 11:11 pm
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