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निकासी ठप नाचना बस स्टैंड बना तालाब, दुकानों और राहगीरों पर संकट

बारिश के बाद क्षेत्र का बस स्टैंड बरसाती पानी के तालाब में तब्दील हो गया। जिम्मेदारों की लापरवाही और निकासी तंत्र के अभाव ने राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बस स्टैंड में सड़क का लेवल असमान होने और पानी निकासी की नाली नहीं होने से शिव मंदिर मार्केट सहित पूरा क्षेत्र […]

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बारिश के बाद क्षेत्र का बस स्टैंड बरसाती पानी के तालाब में तब्दील हो गया। जिम्मेदारों की लापरवाही और निकासी तंत्र के अभाव ने राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बस स्टैंड में सड़क का लेवल असमान होने और पानी निकासी की नाली नहीं होने से शिव मंदिर मार्केट सहित पूरा क्षेत्र एक फीट पानी में डूब गया। शुक्रवार सुबह दुकानों के आगे पानी जमा होने से व्यापार प्रभावित हुआ और ग्राहकों की आवाजाही बाधित रही।नाचना बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग 20 निजी बसों का जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, फलोदी और जयपुर सहित विभिन्न शहरों तक आवागमन होता है। बारिश के दौरान यात्रियों को बसों तक पैदल पहुंचने में भारी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से पानी निकासी की समस्या बनी हुई है, पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। शिकायतों के बावजूद समाधान की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। दिन बस स्टैंड क्षेत्र में पानी जमा रहा। स्थानीय नागरिकों के अनुसार नाचना बस स्टैंड दो दशक से उपेक्षा का शिकार है। निकासी व्यवस्था दुरुस्त न होने पर यात्रियों, दुकानदारों और वाहनों की सुरक्षा को लगातार जोखिम बना हुआ है।