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स्वर्णनगरी में दशा माता व्रत में उमड़ी आस्था, की विधि-विधान पूजा-अर्चना

मरुधरा में शुक्रवार को महिलाओं ने श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दशा माता पूजन व्रत मनाया। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गईं।

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मरुधरा में शुक्रवार को महिलाओं ने श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दशा माता पूजन व्रत मनाया। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गईं। महिलाओं ने स्नान के बाद घरों की साफ-सफाई कर आंगन में गोबर और मिट्टी से चौक बनाकर दशा माता का प्रतीक स्थापित किया और विधिवत पूजा-अर्चना की।पूजन के दौरान महिलाओं ने कच्चे सूत का धागा लेकर उसमें दस गांठें बांधीं और हल्दी, कुमकुम, अक्षत व पुष्प अर्पित कर माता का स्मरण किया। इस अवसर पर दशा माता की कथा सुनी गई और परिवार की खुशहाली, संतानों के मंगल तथा घर में सुख-शांति बनी रहने की कामना की गई।

शहर के कई मोहल्लों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से भी दशा माता का पूजन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं पूजा के दौरान लोकगीत गाती नजर आईं। इससे पूरे माहौल में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।लोक मान्यता के अनुसार दशा माता व्रत करने से ग्रहों की प्रतिकूल दशा शांत होती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। इसी विश्वास के साथ महिलाएं हर वर्ष श्रद्धा से यह व्रत करती हैं।

पूजन के बाद महिलाओं ने प्रसाद वितरित किया और परिवार के सदस्यों को व्रत कथा का महत्व बताया। कई घरों में इस अवसर पर पारंपरिक व्यंजन भी बनाए गए।