
जैसलमेर . इन दिनों पर्यटन सीजन उफान पर है। पो फटते ही पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी सैलानियों की रेलमपेल देखने को मिल रही है। उत्साह व उल्लास के माहौल में सैलानी स्वर्णनगरी की कलात्मक सुन्दरता को निहारकर अभिभूत नजर आते हैं। वे यहां की कला के दीवाने है ही, साथ ही यहां की संस्कृति व आभूषणों के प्रति भी उनका आकर्षण देखा जा सकता है। मरु प्रदेश में आकर ये सैलानी मरू संस्कृति के रंग से रंगने से खुद को नहीं रोक पाते। स्वर्णनगरी में पैदल भ्रमण करने के दौरान उत्साहित सैलानियों का अंदाज भी हर किसी को लुभाता है। चाहे फोटोग्राफी हो या खरीदारी, कलाकारों को वाद्य यंत्रों की संगत देते हुए देखना इन्हें काफी सुहाता है तो आभूषणों का आकर्षण भी इन्हें खींच लाता है। सोनार किले की घुमावदार घाटियों पर दुपहिया वाहन चलाना भी इनके लिए अनूठे अनुभव से कम नहीं है। पर्यटन से जुड़े लोग भी जानते हैं कि देश के कोने कोने से आने वाले और सात समंदर पार से जैसलमेर पहुंचने वाले सैलानी यदि खुश होकर जाएंगे तो बार-बार आएंगे। पर्यटन सीजन में यह उफान जनवरी माह तक रहेगा।