ऑनलाइन ठगी के प्रकरण का पर्दाफाश कर जैसलमेर पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार
-साइबर क्राइम
जैसलमेर. ऑनलाइन ठगी के प्रकरण का पर्दाफाश कर जैसलमेर पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण मीना और वृत्ताधिकारी गोपाललाल के निर्देशन में शहर कोतवाल देरावरसिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक देवाराम मय कांस्टेबल राजेन्द्र मीणा, दिनेश चारण, धर्मेन्द्र प्रसाद, हेमलता, हेड कांस्टेबल मुकेश बीरा व कांस्टेबल भीमराव सिंह की टीम गठित कर प्रकरण में त्वरित कार्यवाही कर ठगों को दस्तयाब करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि टीकप्रशान्त नायक 19 आर्मड रेजीमेन्ट जैसलमेर को अज्ञात नम्बरों से एसएमएस आया कि एसबीआई में लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की किश्तें ड्यू हो गई है। इस पर परिवादी ने अपने होम ब्रांच पर कॉल किया तब उसे बताया गया कि आप टोल फ्री नम्बरों पर बात करो, जिस पर परिवादी ने टोल फ्री नम्बर पर सम्पर्क करने पर कॉल सेन्टर से एक महिला द्वारा अपने निजी नम्बर दिए गए, जिस पर फोन करने पर उसने अपने किसी अधिकारी से बात करवाई व बताया कि पॉलिसी की बकाया किश्त भरनी पड़ेगी। परिवादी को झांसा देकर कुल दो लाख पचास हजार रुपए और लोन देने का झांसा देकर किश्तो में एक ही खाता में जमा कुल 250450 रुपए हड़प लिए गए। रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया।
यूं चढ़े ठग पुलिस के हत्थे
-बैक खाता की पड़ताल की गई तो यह खाता बंधन बैक राहिणी सेक्टर 07 नई दिल्ली की शाखा का होने की जानकारी सामने आई।
-दिल्ली पहुंच उक्त खाता धारक के सम्बंध में जानकारी हासिल की तो बैंक के खाता धारक का पता कर तलाश शुरू की गई।
-पुलिस ने जितेन्द्र गुलाटी पुत्र जयदेव गुलाटी निवासी पंजाबी हाल नई दिल्ली, को गिरफ्तार किया।
-पूछताछ में उसने ठगी को गजेन्द्रसिंह उर्फ राज पुत्र सोहनसिंह जाटव निवासी दिल्ली और महिला सहयोगी के साथ मिलकर करना स्वीकार किया।
-टीम ने ठगी में शामिल आरोपी गजेन्द्रसिंह उर्फ राज व उनकी महिला सहयोगी को गिरफ्तार कर ठगी से प्राप्त की गई राशि बरामद की।
-अब तक की पूछताछ से इन लोगों ने 4 लोगों से ठगी से करीब 18 लाख रुपए प्राप्त करना स्वीकार किया है। प्रकरण में आरोपी जितेन्द्र को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है, वहीं गजेन्द्रसिंह व महिला सहयोगी पीसी रिमाण्ड पर हैं।