
जैसलमेर शहर में जल वितरण का असंतुलन अब खुलकर सामने आ रहा है। एक ओर कुछ मोहल्लों में नियमित भर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में नलों से कई दिनों तक पानी नहीं आ रहा। शहर के विभिन्न वार्डों से मिल रही जानकारी के अनुसार जल आपूर्ति का कोई स्पष्ट और सार्वजनिक ढांचा दिखाई नहीं देता। लोग अनुमान के आधार पर इंतजार करते हैं, लेकिन कई बार उन्हें खाली हाथ ही रहना पड़ता है। रात के समय पानी आने की संभावना के चलते लोग जागकर इंतजार करते हैं, जिससे दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता का अभाव इस समस्या को और जटिल बना रहा है। नागरिकों को यह समझ नहीं आता कि किन मानकों पर पानी का बंटवारा किया जा रहा है। कई क्षेत्रों में अधिक दबाव के कारण पानी बहकर व्यर्थ हो जाता है, जबकि अंतिम छोर के मोहल्लों में पर्याप्त दबाव नहीं पहुंचता। इससे एक ओर बर्बादी हो रही है और दूसरी ओर संकट गहराता जा रहा है।
तकनीकी खामियां भी इस असंतुलन की बड़ी वजह हैं। शहर की अधिकांश पाइपलाइन पुरानी हो चुकी हैं, जिनमें लीकेज आम है। पाइपलाइन से रिसाव होने के कारण बड़ी मात्रा में पानी बीच रास्ते में ही नष्ट हो जाता है। दबाव संतुलन की कोई प्रभावी प्रणाली नहीं होने से दूरस्थ क्षेत्रों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। टैंकरों पर निर्भरता तेजी से बढ़ रही है। जिन इलाकों में नियमित सप्लाई नहीं है, वहां लोगों को निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे आमजन पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बनता जा रहा है। शिकायतों के बावजूद समाधान की गति धीमी बनी हुई है। कई मामलों में समस्या लंबे समय तक जस की तस बनी रहती है। इससे लोगों का भरोसा व्यवस्था पर कमजोर हो रहा है और असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
गर्मी के मौसम में जल की मांग और बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में संतुलित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत जल वितरण प्रणाली लागू करना समय की जरूरत बन गया है।
-कई वार्डों में तीन से पांच दिन तक जल आपूर्ति बाधित रहती
-पाइपलाइन नेटवर्क का बड़ा हिस्सा पुराना, लीकेज की समस्या लगातार बनी
-अंतिम छोर के क्षेत्रों में दबाव की कमी से पानी पहुंचना मुश्किल
-टैंकरों पर निर्भरता बढ़ने से मासिक खर्च में लगातार इजाफा हो रहा
-शिकायतों की संख्या बढ़ी, लेकिन निस्तारण की गति अपेक्षाकृत धीमी
जल प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. संजय जोशी का मानना है कि जैसलमेर में जल वितरण असमानता का मुख्य कारण अव्यवस्थित प्रबंधन और तकनीकी कमियां हैं। उनका कहना है कि शहर को छोटे-छोटे जोन में विभाजित कर तय दबाव और समय के आधार पर जल आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। पाइपलाइन लीकेज की पहचान और त्वरित मरम्मत से पानी की बर्बादी कम की जा सकती है। साथ ही, जल आपूर्ति का शेड्यूल सार्वजनिक करना जरूरी है, ताकि पारदर्शिता बढ़े और नागरिकों का भरोसा कायम हो। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करना भी आवश्यक है, तभी इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
Published on:
04 May 2026 08:08 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
