- जिम्मेदारों की उदासीनता से बढ़ रही परेशानी
फलसूण्ड(जैसलमेर). क्षेत्र में गर्मी के मौसम के साथ पेयजल संकट गहराने लगा है। कई गांवों व ढाणियों में लम्बे समय से जलापूर्ति बन्द होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। गौरतलब है कि जलदाय विभाग के फलसूण्ड हेडवक्र्स से फलसूण्ड व मानासर ग्राम पंचायत के 80 से अधिक गांवों व ढाणियों में जलापूर्ति की जाती है, लेकिन कई गांवों में जलापूर्ति लम्बे समय से बन्द पड़ी है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। क्षेत्र के पारासर, खूमजीरो की ढाणी, जीवराजगढ़, चांदनी मेघासर तथा मानासर ग्राम पंचायत के रावतपुरा, लखजीरों की ढाणी,चोहिरा की ढाणियों, धर्मासर, देवड़ो की ढाणी, भूरपुरा सहित कई ढाणियों के जीएलआर सूखे पड़े है। यहां ग्रामीणों को ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवान पड़ रहा है। इसके अलावा मवेशी पेयजल के लिए जंगलों में दम तोड़ रहे है।
गर्मी में हाल बेहाल, नही किए जा रहे प्रयास
क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों की ओर से कई बार शिकायतें भी की जाती है, लेकिन जलदाय विभाग के अधिकारियों की ओर से न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया जा रहा है, न ही पेयजल समस्या के निराकरण को लेकर कोई प्रयास किए जा रहे है। जिससे ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी के मौसम में परेशानी हो रही है।
यहां भी पानी के लिए त्राहि-त्राहि
रामगढ़ कस्बे से 9 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत नेतसी में 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति नही हो रही हैं । वार्ड पंच जीवन सिंह ने बताया कि गर्मी में पशुधन को पानी के कोई व्यवस्था नही हैं। टैंकरों के माध्यम से मंगवाया जाता है। ग्रामीणों को 600 रुपए से अधिक वहन करना पड़ता हैं । पानी की कमी के कारण पशुपालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। जन सहयोग से पशुओं को पानी व्यवस्था की हैं । नहर में पानी आने के बाद भी आमजन की परेशानियों का दौर थमा नहीं है।