
जैसलमेर. राखेचा पाड़ा में ध्वस्त हुआ जैन समाज का उपासरा भवन।
जैसलमेर. जैसलमेर शहर के भीतरी भाग में अवस्थित राखेचा पाड़ा में एक मकान में अवैध रूप से अंडरग्राउंड का खुदाई कार्य करवाए जाने से उसके पास में स्थित जैन ट्रस्ट की ऐतिहासिक दो मंजिला इमारत मंगलवार दोपहर बाद धराशायी हो गई। तेज आवाज के साथ गिरी इस इमारत से मिट्टी का ऐसा बवंडर उठा कि पड़ोस में रहने वालों को कुछ देर के लिए सिवाय धूल के कुछ भी नजर नहीं आया। इस हादसे में गनीमत यह रही कि वहां काम कर रहे करीब 10 मजदूर समय रहते भाग निकलने में कामयाब हो गए और कोई जनहानि होने की खबर नहीं मिली। बताया जाता है कि इस स्थान पर मुम्बई के प्रवासी परिवार की ओर से भवन निर्माण का कार्य करवाया जा रहा था और शुरुआती दौर में करीब 10 से 15 फीट गहरा अंडरग्राउंड खुदवाया जा रहा था। बताया जाता है कि सोनार दुर्ग की 300 मीटर की परिधि में आने वाले इस स्थान पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) से कार्य की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके चलते नगरपरिषद व एएसआइ ने पूर्व में यह काम भी रुकवाया था। जानकारी के अनुसार यह हादसा करीब 3.30 बजे हुआ। जो भवन धराशायी हुआ है, वह जैन समाज का उपासरा बताया जाता है। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ मय जाब्ता और नगरपरिषद के राजस्व अधिकारी पवन कुमार और टीम के सदस्य मौके पर पहुंचे। बताया जाता है कि जैन समाज के उपासरा के पास ही अवैध अंडरग्राउंड बनाया जा रहा था। इसके लिए करीब 15 फीट गहरी खुदाई की जा चुकी थी। इसके चलते उपासरा की नींव कमजोर हुई और वह ढह गया।
जानकारी के अनुसार खुदाई कार्य के दौरान घटना के वक्त करीब 10 मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने जैसे ही पास की इमारत से मिट्टी और चूना गिरता देखा, वे भाग कर वहां से दूर हट गए। इससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर गली में आवाजाही बंद कर दी और क्षतिग्रस्त भवन के पास रहने वाले 2 परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट होने के लिए कहा है। बताया जाता है कि जो भवन धराशायी हुआ, वह करीब 250 वर्ष पुराना था। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गली में आवाजाही को बंद कर दिया और लोगों को हटाया।
अचानक गिरे विशालकाय भवन से आई जोरदार धमाके जैसी आवाज से आसपास रहने वाले लोग घबरा गए। जब उन्होंने घरों से बाहर निकल कर देखा तो सिवाय धूल के गुबार के कुछ भी नजर नहीं आया। पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि शहर के इस संकरे क्षेत्र में इतना बड़ा अंडरग्राउंड खुदवाने को लेकर संबंधित व्यक्ति को उनकी ओर से चेताया भी गया था लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका कहना था कि यह तो गनीमत रही कि हादसा दोपहर के ठीक बाद हुआ, उस समय गली में बच्चे नहीं खेल रहे होते हैं और आवाजाही भी नगण्य रहती है। अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था।
जिस जगह पर खुदाई का कार्य चल रहा था, वह दुर्ग से 300 मीटर के दायरे में आता है। नगरपरिषद व एएसआइ की तरफ से पूर्व में 2-3 बार यह कार्य रुकवाया भी था। फिलहाल गली में दोनों तरफ से बेरिकेडिंग करवा कर आवाजाही बंद करवा दी गई है और जैन ट्रस्ट से कहा गया है कि ध्वस्त हुए भवन का शेष हिस्सा भी सुरक्षित उतरवा लें।
- लजपाल सिंह सोढ़ा, आयुक्त, नगरपरिषद जैसलमेर
Published on:
16 Jun 2026 09:10 pm
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