-जैसलमेर में चार दिवसीय विख्यात मरु महोत्सव का आगाज-आराध्य भगवान लक्ष्मीनाथ की आरती से कार्यक्रमों की शुरूआत
जैसलमेर. स्वर्णनगरी के सोनार दुर्ग स्थित प्राचीनतम एवं जनास्था के केन्द्र भगवान लक्ष्मीनाथ की आरती से जग विख्यात चार दिवसीय मरु महोत्सव की विधिवत शुरूआत हुई। लक्ष्मीनाथ मंदिर में आरती के उपरान्त हेरिटेज वॉक निकली, जिसमें सभी अतिथि शामिल हुए। वॉक में लोक कलाकारों ने रास्ते भर नृत्य और गायन की धूम मचाई। आकर्षक परिधानों में सुसÓिजत कलाकारों ने अपने मनोहारी कार्यक्रमों की धूम मचायी। हेरिटेज वॉक मुख्य मार्गों से होकर गड़ीसर झील क्षेत्र पहुंची जहां जमा सैकड़ों लोगों ने वॉक का स्वागत किया। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों की सराहना की। जैसलमेर के आराध्य भगवान लक्ष्मीनाथ की आरती से चार दिवसीय मरु महोत्सव का जोर-शोर से आगाज हुआ। इसका आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन की ओर से किया जा रहा है।
गड़ीसर पर दीपदान
गड़ीसर झील में बड़ी संख्या में दीपदान हुआ। अतिथियों के साथ ही सैकड़ों लोगों ने दीपदान किया। इस अवसर पर गड़ीसर झील पर मेले सा माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में पर्यटकों ने हिस्सा लिया। मरु महोत्सव के अन्तर्गत पहले दिन बुधवार को प्रमुख दर्शनीय एवं पर्यटन जल तीर्थ गड़ीसर झील के मुहाने चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें सभी वर्गों में कुल 69 छात्र-छात्राओं ने चित्र बनाकर अपने मन की कल्पनाओं को सुनहरा आकार दिया। जिला कलक्टर आशीष मोदी एवं अन्य अतिथियों ने प्रतिभागियों के बनाए हुए चित्रों को देखा तथा सराहना की।
इनकी रही मौजूदगी।-
इस अवसर पर नगर परिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला, जिला कलक्टर आशीष मोदी, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयसिंह, पूर्व महारावल राज परिवार से चैतन्यराजसिंह, मरु महोत्सव के प्रभारी अधिकारी, नगर विकास न्यास के सचिव अनुराग भार्गव, सहायक निदेशक . लोक सेवाएं अशोक कुमार, नगरपरिषद आयुक्त फतेहसिंह मीणा, उप निदेशक पर्यटन भानुप्रताप, विक्रमसिंह नाचना, पूर्व जिलाप्रमुख अंजना मेघवाल सहित जिलाधिकारी, जन प्रतिनिधि,पर्यटन क्षेत्र से संबंधित प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी अतिथियोंं ने भगवान लक्ष्मीनाथ की आरती उतारी और चार दिवसीय मरु महोत्सव की आशातीत सफलता के लिए कामना की तथा जैसलमेर की सर्वांगीण खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर में पं. धनराज एवं पंण् सत्यनारायण ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं आरती सम्पन्न कराई।