जैसलमेर

jaisalmer: अमरसागर प्रोल में फिर मंडराया खतरा, बार-बार जाली गायब होने के बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं

जैसलमेर के अमरसागर प्रोल क्षेत्र में सीवरेज चेंबर की लोहे की जालियां फिर गायब हो गई हैं। जालियां हटने से चेंबर खुले पड़े हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों पर हादसे का खतरा मंडरा रहा है। बार-बार सामने आ रही समस्या के बावजूद चेंबरों की निगरानी और जालियां गायब होने पर त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
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Oct 06, 2026
jaisalmer news photo
अमरसागर प्रोल में सीवरेज चेंबर से लोहे की जाली गायब होने के बाद खुला पड़ा चेंबर।

जैसलमेर. शहर की सीवरेज व्यवस्था के चेंबर अब केवल निकासी व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि सड़क पर बढ़ते खतरे की वजह भी बन रहे हैं। यहां अमरसागर प्रोल क्षेत्र में सीवरेज चेंबर पर लगी लोहे की जालियां फिर गायब हो गई हैं। खुले चेंबर के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। खास बात यह है कि जालियां गायब होने की समस्या पहले भी सामने आती रही है, लेकिन स्थायी निगरानी व्यवस्था नजर नहीं आती। अमरसागर प्रोल में चेंबर से लोहे की जालियां गायब होने के बाद खुले हिस्से साफ दिखाई दे रहे हैं। दिन में इनसे बचकर निकलना संभव है, लेकिन रात के समय खतरा बढ़ जाता है। आसपास से गुजरने वाले दुपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को अचानक खुले चेंबर का अंदाजा नहीं लगने पर दुर्घटना की आशंका रहती है। बार-बार जालियां गायब होने का मामला केवल चोरी या नुकसान तक सीमित नहीं है। इससे यह भी सवाल खड़ा होता है कि जालियां लगाने के बाद उनकी निगरानी कौन करता है और गायब होने की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था क्या है।

गांधी चौक में अंदर-बाहर खुले चेंबर

गांधी चौक क्षेत्र में भी सीवरेज चेंबर की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। कुछ चेंबर अंदर की तरफ खुले हैं तो कुछ के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कमजोर दिखाई देती है। यह क्षेत्र लोगों और वाहनों की आवाजाही वाला है। ऐसे में खुले चेंबर किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। हकीकत यह है कि समस्या का स्थायी समाधान सिर्फ नई जाली लगाना नहीं है। जालियां बार-बार क्यों गायब हो रही हैं, इसकी निगरानी और जिम्मेदारी तय करना भी उतना ही जरूरी है।

खुले चेंबर से रोज गुजरना पड़ता है

अमरसागर प्रोल में चेंबर की जाली गायब होना नई बात नहीं है। जाली लगने के कुछ समय बाद फिर वही स्थिति दिखाई देती है। यहां से रोज लोग गुजरते हैं और रात के समय खुले चेंबर ज्यादा खतरनाक लगते हैं। समस्या का समाधान केवल नई जाली लगाने से नहीं होगा, उसकी निगरानी भी जरूरी है।

— रमेश सुथार, स्थानीय निवासी

वाहनों के लिए अचानक बन जाता है खतरा

गांधी चौक में दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क पर चलते समय खुले चेंबर हमेशा दिखाई नहीं देते। दुपहिया वाहन चालक के सामने अचानक ऐसा खुला हिस्सा आ जाए तो संतुलन बिगड़ सकता है। प्रशासन को जालियां लगाने के साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा नहीं हो।

— महेंद्र माहेश्वरी , व्यवसायी

बार-बार जाली गायब होना बड़ी समस्या का संकेत

एक ही जगह से बार-बार जालियां गायब होना सिर्फ चोरी का मामला नहीं माना जा सकता। इससे निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठता है। अगर जाली गायब होने की जानकारी समय पर मिल जाए तो चेंबर लंबे समय तक खुले नहीं रहेंगे। जिम्मेदारी तय होने और नियमित निरीक्षण से समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

— सुरेश सोलंकी , स्थानीय नागरिक

नई जाली से पहले सुरक्षा व्यवस्था जरूरी

सीवरेज चेंबर पर जाली लगाना जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी यह है कि लगाई गई जाली सुरक्षित रहे। बार-बार जालियां गायब होने के बाद फिर नया खर्च होता है और कुछ समय बाद समस्या दोबारा सामने आ जाती है। संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच और शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था जरूरी है।

— अशोक पंवार, सामाजिक कार्यकर्ता

Updated on:
06 Oct 2026 08:41 pm
Published on:
06 Oct 2026 08:41 pm