जैसलमेर

1254 हेड से न्यूनतम 1700 क्यूसेक जल आपूर्ति निरंतर सुनिश्चित करने का निर्णय

इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण में जल वितरण और उपयोग के संबंध में गठित परामर्शदात्री समिति की बैठक सोमवार को आइजीएनपी परिषद सभागार में आयोजित हुई।

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Jan 05, 2026

इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के द्वितीय चरण में जल वितरण और उपयोग के संबंध में गठित परामर्शदात्री समिति की बैठक सोमवार को आइजीएनपी परिषद सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य अभियन्ता विवेक गोयल ने की। बैठक में जनप्रतिनिधि मूलाराम, पूर्व प्रधान भागीरथ तेजवाल, किसान प्रतिनिधि सहबाज खां और बैणसिंह राठौड़ के साथ विभागीय अधिकारी रामावतार मीना, होती लाल मीना, मधुसूदन राजौत, रामचन्द्र ईनानिया, समस्त अधिशासी अभियन्ता और सहायक अभियन्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

किसानों ने 1700 क्यूसेक से अधिक जल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। साथ ही नहरी पानी चोरी रोकने, डिग्गी की मरम्मत कराने और नहरों के आस-पास उगे बबूल और झाडिय़ों को हटाने संबंधी समस्याओं को उठाया। मुख्य अभियंता ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्य अभियन्ता ने आइजीएनपी की स्थापना, विकास और वर्तमान जल वितरण व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्मचारियों और अभियन्ताओं के सतत प्रयासों से जल का समुचित वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जैसलमेर और बीकानेर जिलों में सिंचाई और पेयजल की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। 1254 हेड से न्यूनतम 1700 क्यूसेक जल आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी और सभी प्रगतिरत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।

चार में से दो समूहों में जल वितरण

बैठक में अधीक्षण अभियन्ता रामावतार मीना ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी और बताया कि चार में से दो समूहों में जल वितरण किया जा रहा है। नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए आरएसी जवानों की तैनाती का सुझाव भी दिया गया। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने दूरभाष से सहभागिता करते हुए बताया कि रबी 2025-26 में किसानों को पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण जल मिला और आगामी तीन बारियों में भी जल उपलब्ध कराया जाएगा। अन्य उपस्थित जनप्रतिनिधियों और किसानों ने भी रबी फसल के लिए जल उपलब्धता को संतोषजनक बताया।

विभाग ने बताया कि राजस्थान जल नीति-2010 के अनुसार पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता का है और मानव एवं पशु दोनों के लिए इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकती। वर्तमान में बांधों में कुल 48.52 प्रतिशत इनफ्लो है और शेष अवधि में जल की प्राप्ति कम प्रतीत हो रही है।

बैठक में आंशिक या पूर्ण नहरबंदी पर भी विचार किया गया और निर्णय लिया गया कि मुख्य नहर की पंजाब-राजस्थान सीमा में लाइनिंग कार्य के लिए आवश्यकतानुसार आंशिक या पूर्ण नहरबंदी की जा सकती है, जिसमें पेयजल आपूर्ति को प्रथम प्राथमिकता दी जाएगी।

Published on:
05 Jan 2026 08:39 pm
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