पर्यटननगरी के तौर पर मशहूर सीमावर्ती जैसलमेर के आलीशान सिविल एयरपोर्ट पर एक बार फिर वीरानी छा गई है। पिछले अक्टूबर माह से गत 28 तारीख तक करीब 6 महीनों में 2.40 लाख यात्रियों की आवाजाही के बावजूद अब आगामी 6 महीनों तक यहां से कोई भी नियमित हवाई सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।
पर्यटननगरी के तौर पर मशहूर सीमावर्ती जैसलमेर के आलीशान सिविल एयरपोर्ट पर एक बार फिर वीरानी छा गई है। पिछले अक्टूबर माह से गत 28 तारीख तक करीब 6 महीनों में 2.40 लाख यात्रियों की आवाजाही के बावजूद अब आगामी 6 महीनों तक यहां से कोई भी नियमित हवाई सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। समर शेड्यूल में जैसलमेर को पूरी तरह से बाहर रखा गया है, जिससे पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में चिंता गहराने लगी है। गत सर्दियों के सीजन में जैसलमेर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों ने यहां की हवाई सेवाओं का भरपूर उपयोग किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस रूट पर हवाई यात्रा की मांग मजबूत है। इसके बावजूद एयरलाइंस कंपनियों ने समर सीजन के लिए जैसलमेर को प्राथमिकता नहीं दी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से भी जैसलमेर में हवाई सेवाएं हर साल केवल सर्दियों में पर्यटन सीजन तक सीमित रहने को लेकर भी सवाल नहीं किए जा रहे हैं। इससे भी जैसलमेर के पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों में निराशा की स्थिति है।
हवाई सेवाओं के बंद होने से जैसलमेर आने वाले पर्यटकों की संख्या पर सीधा असर पडऩा तय है। खासकर विदेशी पर्यटक और समय की कमी से जूझने वाले घरेलू सैलानी अब अन्य गंतव्यों की ओर रुख कर सकते हैं। इससे होटल, रिसोर्ट, गाइड, टैक्सी चालक और हस्तशिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय प्रभावित होगी। गौरतलब है कि इस बार जैसलमेर से बेंगलुरु के बीच निरंतर हवाई सेवा के संचालित होने से दक्षिण के सर्किट से बड़ी संख्या में पर्यटक पश्चिमी राजस्थान के अंतिम छोर पर बसे जैसलमेर तक आसानी से पहुंचे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसलमेर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल के लिए सालभर हवाई सेवा जरूरी है। यहां केवल सर्दियों तक ही सेवाएं सीमित रखना दीर्घकालीन पर्यटन विकास के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। एयर कनेक्टिविटी बेहतर होने से न केवल पर्यटन बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जब यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है तो फिर हवाई सेवाओं को स्थायी रूप से संचालित करने के प्रयास क्यों नहीं किए जा रहे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस दिशा में ठोस पहल की मांग तेज हो गई है। टे्रवल एजेंट अखिल भाटिया के अनुसार जैसलमेर के पड़ोसी जोधपुर शहर में भी एयरपोर्ट पर रनवे के काम को लेकर सेवाएं फिलहाल बंद है, ऐसे में लोगों के पास प्रदेश में केवल जयपुर तक हवाई जहाज से आने की सुविधा बचती है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि बीकानेर से दिल्ली के बीच हवाई सेवा नियमित रूप से संचालित होती है तो जैसलमेर जैसे प्रमुख शहर के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों किया जा रहा है? गर्मी के मौसम में जैसलमेर के कई लोग बाहर भ्रमण पर या किसी कार्यवश हवाई सेवा का उपयोग करते हैं, उन्हें और सैन्य से लेकर उद्योग व अन्य क्षेत्रों के लोग भी इस सेवा से वंचित हो गए हैं।
हवाई सेवा को केवल पर्यटन सीजन से ही जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए। आज के समय में इस सेवा की प्रत्येक क्षेत्र के व्यक्तियों को आवश्यकता है।
- डॉ. गौरव बिस्सा, मैनेजमेंट ट्रेनर
पिछले सीजन में हवाई सेवा के चलते जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, लेकिन अब फ्लाइट बंद होने से बुकिंग पर असर पडऩा तय है। सरकार और एयरलाइंस कम्पनियों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
- मयंक भाटिया, होटल व्यवसायी
जैसलमेर जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर सालभर हवाई सेवा होनी चाहिए। यह केवल पर्यटन नहीं बल्कि सीमांत क्षेत्र के विकास से जुड़ा मुद्दा है।
- भूरसिंह बीदा, सामाजिक कार्यकर्ता