
रामदेवरा @ पत्रिका. लोकदेवता बाबा रामदेव के दर्शन के लिए रामदेवरा में श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है। भादवा मेले के बीच सोमवार को पोकरण-रामदेवरा मार्ग पर दूर-दूर तक पदयात्रियों की कतारें दिखाई दीं। कई श्रद्धालु हाथों में विशाल ध्वजा लिए बाबा के दरबार की ओर बढ़ रहे थे, तो कई आस्था के प्रतीक कपड़े से बने बड़े-बड़े घोड़े लेकर पदयात्रा करते दिखे। पदयात्रियों के जत्थे बाबा के जयकारे लगाते हुए रामदेवरा की ओर बढ़ रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं है। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालु कुछ देर विश्राम कर अपनी मंजिल की ओर रवाना होते दिखाई दे रहे हैं। कई पदयात्रियों के साथ परिवार और ग्रामीणों के जत्थे भी शामिल हैं। बाबा रामदेव में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं में ध्वजा चढ़ाने और घोड़ा अर्पित करने की विशेष परंपरा है। इसी आस्था के चलते कई श्रद्धालु अपने गांव से पैदल यात्रा शुरू कर विशाल ध्वजा और कपड़े से बने आकर्षक घोड़े साथ लेकर रामदेवरा पहुंच रहे हैं। पोकरण रोड पर ऐसे कई जत्थे मेले की धार्मिक छटा को आकर्षक बना रहे हैं। पोकरण से रामदेवरा की ओर बढ़ते पदयात्रियों के जयकारों से मार्ग भक्तिमय नजर आ रहा है। ‘बाबा रामदेव की जय’ के जयघोष के बीच श्रद्धालु लगातार आगे बढ़ रहे हैं। भादवा मेले के चलते रामदेवरा में देशभर से श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। मंदिर परिसर के साथ मुख्य बाजार, रामसरोवर और पोकरण-रामदेवरा मार्ग पर भी मेले की रौनक दिखाई दे रही है।
रामदेवरा. लोक देवता बाबा रामदेव के भादवा मेले में श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से रामदेवरा पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ पवित्र रामसरोवर पर लगातार बनी हुई है। सोमवार को सुबह से ही रामसरोवर के विभिन्न घाट श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर पूजा-अर्चना की और इसके बाद बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन के लिए प्रस्थान किया। रामसरोवर पहुंचते ही श्रद्धालु आस्था में डूबे नजर आए। परिवार के साथ स्नान कर बाबा से सुख-समृद्धि की कामना करते और हाथ जोड़कर सरोवर की परिक्रमा करते दिखे। कई श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद घाट पर बैठकर भजन-कीर्तन किए। घाटों पर बाबा रामदेव के जयकारों और भजनों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूर-दराज से पैदल और वाहनों से पहुंचे श्रद्धालुओं में घंटों के सफर की थकान भी दिखाई दी। स्नान और पूजा के बाद कई यात्री घाटों के आसपास आराम करते दिखे, फिर समाधि दर्शन के लिए रवाना हुए। नवयुवकों से लेकर वृद्धजनों तक सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु रामसरोवर पहुंच रहे हैं। स्नान के बाद समाधि दर्शन को यात्रा का महत्त्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए श्रद्धालु पहले सरोवर पहुंच रहे हैं। इसके चलते रामसरोवर से मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर दिनभर आवाजाही बनी रही। मेले के दौरान रामसरोवर परिसर में लगातार चहल-पहल है, जहां पूरा क्षेत्र आस्था के रंग में रंगा नजर आया।