
जैसलमेर. ऐतिहासिक सोनार दुर्ग का भ्रमण करते हुए शाही ट्रेन में आए पर्यटक।
जैसलमेर. दुनिया की सबसे आरामदायक ट्रेनों की रैंकिंग में अहम स्थान रखने वाली पैलेस ऑन व्हील्स वर्तमान पर्यटन सीजन में पहले फेरे के अंतर्गत रविवार को जैसलमेर पहुंची। निर्धारित समय पर सुबह जैसलमेर रेलवे स्टेशन पहुंची पैलेस ऑन व्हील्स में सवार सैलानियों का प्लेटफार्म पर उतरने के दौरान लोक कलाकारों ने ढोल-ढमाकों व नृत्य की छटा बिखेरते हुए पारम्परिक ढंग से स्वागत किया। उनका स्वागत करने वालों में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल थे। मरु संस्कृति से जुड़ी स्वर लहरियों के साथ लोक कलाकारों ने नृत्य की बानगी पेश करते हुए देशी-विदेशी सैलानियों को उनके खास होने का अहसास करवाया। पहले फेरे में टे्रन में कुल 77 पर्यटक आए। इनमें भारत के 66, अमेरिका के 7, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के 2-2 पर्यटक शामिल थे। जैसलमेर पहुंचने पर सैलानियों का लोक कलाकारों ने तिलक व माल्यार्पण के साथ पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया, जिससे वे रोमांचित नजर आए।
शाही रेल में आए यात्रियों ने जैसलमेर के सोनार किले, गड़ीसर सरोवर, कलात्मक हवेलियों, सम के रेतीले धोरों आदि का भ्रमण किया और वे अभिभूत नजर आए। उन्हें यहां गाइड करने वालों में शांतिलाल शर्मा, महेन्द्र सिंह, विशाल सिंह व पदमसिंह शामिल थे। 8 दिन और 7 रात के सफर वाली पैलेस ऑन व्हील्स की यात्रा प्रति बुधवार को नई दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होती है और यह जयपुर, सवाईमाधोपुर, चित्तौडगढ़़, उदयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, भरतपुर, आगरा शहरों की यात्रा करवाती है।
- दुनिया की सबसे आरामदायक ट्रेनों की सूची में पिछले कई वर्षों से शुमार पैलेस ऑन व्हील्स इसमें सफर करने वाले यात्रियों को राजसी ठाठ-बाट का अहसास करवाने के साथ उन्हें सभी तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाती है।
- इस बार ट्रेन में यात्रियों के लिए पहली बार एस्ट्रोलॉजर (ज्योतिषी) और 76 तरह के मेडिकल टेस्ट वाले हेल्थ चेकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।
- राजसी सुविधाओं से भरपूर पैलेस ऑन व्हील्स की शुरुआत 26 जनवरी 1982 से हुई और तब से आज तक इस ट्रेन में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों को आलीशान हवेलियों, शानदार किलों और रेत के टीलों के लिए मशहूर शहरों का भ्रमण करवाया जा चुका है।
- इस ट्रेन में सफर करने वाले पर्यटक चाहे वे देशी हो या विदेशी, उन्हें सुपर प्रीमियम पर्यटक माना जाता है क्योंकि वे बड़ी धनराशि खर्च कर इसमें सफर करने का लुत्फ उठाते हैं।
Updated on:
13 Sept 2026 08:45 pm
Published on:
13 Sept 2026 08:45 pm
