जैसलमेर

डिजिटल शिक्षा कागजों में सिमटी, हकीकत में शिक्षक चला रहे सिस्टम अपने मोबाइल से

डिजिटल इंडिया और स्मार्ट शिक्षा के तमाम दावों के बावजूद पोकरण क्षेत्र के सरकारी विद्यालय आज भी मूलभूत इंटरनेट सुविधा से वंचित हैं।

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Apr 19, 2025

डिजिटल इंडिया और स्मार्ट शिक्षा के तमाम दावों के बावजूद पोकरण क्षेत्र के सरकारी विद्यालय आज भी मूलभूत इंटरनेट सुविधा से वंचित हैं। नतीजतन, डिजिटल शिक्षा योजनाएं कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं और शिक्षक खुद के मोबाइल डेटा से सूचनाएं अपडेट करने को मजबूर हैं। सरकारी आंकड़ों में भले ही इंटरनेट कनेक्टिविटी की तस्वीर कुछ और हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। क्षेत्र के 242 विद्यालयों में से अधिकांश में इंटरनेट की सुविधा नहीं है, खासकर 145 प्राथमिक विद्यालयों में एक भी इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की स्थिति भी इससे कुछ बेहतर नहीं है।

सरकारी रिकॉर्ड बनाम हकीकत

शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पोकरण क्षेत्र में केवल 3 विद्यालय ऐसे बताए गए हैं, जहां इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक अपने मोबाइल या निजी डोंगल से ही सूचना प्रणाली को चला रहे हैं। ऐसे में सरकारी आंकड़े भ्रमित करने वाले हैं।

गांव-ढाणियों में नहीं पहुंची डिजिटल रोशनी

पोकरण का क्षेत्रफल व्यापक है और यहां के सैकड़ों गांव और ढाणियां अभी भी नेटवर्क और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। कई विद्यालयों को क्रमोन्नत कर उच्च स्तर पर पहुंचा दिया गया है, लेकिन इंटरनेट कनेक्शन के अभाव में स्मार्ट शिक्षा का कोई लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

शिक्षकों की चुनौती, विद्यार्थियों का नुकसान

इंटरनेट के अभाव में ऑनलाइन प्रशिक्षण, ई-कंटेंट, यू-ट्यूब क्लासेस, ई-पाठ्य सामग्री और सरकारी पोर्टलों पर सूचनाएं अपलोड करने में शिक्षकों को दिक्कतें हो रही हैं।

Published on:
19 Apr 2025 11:27 pm
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