पोकरण कस्बे के आडा बाजार में गत लंबे समय से कीचड़ व गंदगी के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पोकरण कस्बे के आडा बाजार में गत लंबे समय से कीचड़ व गंदगी के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही यहां निर्मित डामर सडक़ भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हालत में है। गौरतलब है कि गांधी चौक के पास स्थित आडा बाजार में कई लोग निवास करते है।
यहां बड़ी संख्या में दुकानें, ब्रेकरी व फास्ट फूड की दुकानें भी है। कस्बे के प्रसिद्ध जैन मंदिर के लिए भी यही रास्ता जाता है। यहां एक विद्यालय व संत गजानन महाराज का मंदिर भी स्थित है। साथ ही भास्कर मोहल्ला, सेवगों की गली, चौधरियों की गली, घोसियों का चौक, सावणों की गली, सूरजप्रोल, सदर बाजार, सावों का बास जाने वाले लोग भी यहीं से आवागमन करते है। ऐसे में यहां दिन-रात लोगों की आवाजाही रहती है। आडा बाजार में वर्षों पूर्व निर्मित नालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ऐसे में गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। विद्यालय व फास्ट फूड की दुकानों के पास नालियों की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गंदा पानी व कीचड़ सडक़ पर बह रहा है। कीचड़ के कारण आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके साथ ही आए दिन राहगीर व विद्यार्थी रपटकर नीचे गिर रहे है। जिससे उन्हें चोटें लगने का खतरा बढ़ गया है। जबकि नगरपालिका की ओर से यहां नालियों का निर्माण करवाने व गंदे पानी की निकासी को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।
कस्बे के गांधी चौक, सदर बाजार सहित आसपास क्षेत्र में बैठे दुकानदार, सब्जी व्यवसायी आदि कचरा व गंदगी एकत्रित कर आडा बाजार में विद्यालय के पास लाकर डाल देते है, जिससे यहां हालात और भी बद्तर हो जाते है।
आडा बाजार में वर्षों पूर्व निर्माण करवाई गई डामर सडक़ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बिखर चुकी है। यहां गहरे गड्ढ़े हो गए है। ऐसे में आमजन का निकलना दुश्वार हो गया है। कई जगहों पर तो डामर पूरी तरह से उखड़ जाने के कारण आमजन को परेशानी हो रही है। इसके साथ ही गहरे गड्ढ़ों के कारण रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव में किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
आडा बाजार में बिखरी गंदगी व कीचड़ के कारण परेशानी हो रही है। नालियों की व्यवस्था नहीं होने और कचरे व गंदगी के ढेर के कारण यहां से निकलना दुश्वार हो गया है। जिसके बारे में नगरपालिका को अवगत भी करवाया गया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।