
पोकरण में भारतीय वायुसेना का शक्ति प्रदर्शन आज (फोटो- पत्रिका)
Vayu Shakti 2026: जैसलमेर: सरहदी जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास 'वायुशक्ति-2026' की गवाह बनेगी। मरुधरा के धोरों पर होने वाले इस सामरिक शक्ति प्रदर्शन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
बता दें कि यह आयोजन भारतीय वायुसेना की अत्याधुनिक युद्धक क्षमता, सटीक निशानेबाजी और सामरिक कौशल को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा। इस युद्धाभ्यास की सबसे बड़ी विशेषता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कॉम्बेट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरना होगा।
वे सह-पायलट के रूप में उड़ान भरकर युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई मुआयना करेंगी। यह पहला अवसर होगा, जब देश का कोई राष्ट्रपति जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में किसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में उड़ान भरेगा।
इससे पूर्व भी राष्ट्रपति मुर्मू अपनी साहसिक उड़ान के लिए चर्चा में रही हैं। अक्टूबर 2025 में अंबाला में राफेल विमान में उड़ान भरी थीं। अप्रैल 2023 में असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 MKI में उड़ान भरी थीं। वे सुखोई और राफेल जैसे दो अलग-अलग अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।
गुरुवार को जैसलमेर पहुंचने पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शुक्रवार शाम 5:17 बजे युद्धाभ्यास शुरू होगा। राष्ट्रपति वायुसेना स्टेशन पहुंचकर 'आकाशवीरों' (वायु सैनिकों) से संवाद करेंगी और उनका उत्साहवर्धन करेंगी।
वीवीआईपी (VVIP) आगमन और अभ्यास की संवेदनशीलता को देखते हुए चांधन से पोकरण तक के क्षेत्र को अस्थायी रूप से 'नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक। जैसलमेर से पोकरण जाने वाले वाहन शहीद जय सिंह चौराहा, आकल फांटा, देवीकोट, रासला और सांकड़ा होकर निकलेंगे। यही मार्ग वापसी के लिए भी रहेगा। पुलिस की मोबाइल पार्टियां लगातार गश्त पर रहेंगी ताकि आमजन को परेशानी न हो।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित रूट का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। 'वायुशक्ति-2026' न केवल भारतीय वायुसेना की शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि यह देश की रक्षा तैयारियों और तकनीकी प्रगति का एक जीवंत प्रमाण भी है।
Updated on:
27 Feb 2026 10:49 am
Published on:
27 Feb 2026 07:40 am
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