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Vayu Shakti 2026: रेत के रण में आधुनिक युद्ध कौशल का महाअभ्यास, थर्रा उठी सरहद, भारत का ‘अभेद कवच’ देख कांपेगा दुश्मन

पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति-2026 के फुल ड्रेस रिहर्सल में 120 से अधिक एयर प्लेटफॉर्म ने दम दिखाया। भारतीय वायु सेना के राफेल, सुखोई, मिराज और प्रचंड हेलीकॉप्टरों ने सटीक प्रहार क्षमता प्रदर्शित की।

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Vayu Shakti 2026
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आधुनिक विमानों का शक्ति प्रदर्शन (फोटो- पत्रिका)

Vayu Shakti 2026: जैसलमेर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पश्चिमी मरुस्थल का आसमान मंगलवार शाम युद्धक गर्जना से गूंज उठा। पोकरण स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्धाभ्यास 'वायुशक्ति-2026' का फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित किया गया।

इसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' की झलक देखने को मिली। शाम 5 बजकर 17 मिनट पर शुरू हुए इस अभ्यास ने साबित कर दिया कि भारतीय आकाश अब एक अभेद्य सुरक्षा कवच में तब्दील हो चुका है।

आधुनिक विमानों का शक्ति प्रदर्शन

रेगिस्तान के शांत विस्तार को थर्राते हुए वायुसेना ने अपनी मारक क्षमता और तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाया। इस रिहर्सल में कुल 120 से अधिक एयर प्लेटफॉर्म सक्रिय रहे, जिनमें 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 परिवहन विमान शामिल थे।

  • राफेल और सुखोई: राफेल ने अपनी लंबी दूरी की प्रहार क्षमता दिखाई, वहीं सुखोई-30 MKI ने 'एयर डॉमिनेंस' मिशन को बखूबी अंजाम दिया।
  • मिराज और जगुआर: मिराज-2000 और जगुआर विमानों ने सटीक ग्राउंड अटैक के जरिए काल्पनिक दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया।
  • हेलीकॉप्टर दस्ता: स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' और भारी वजन उठाने वाले 'चिनूक' ने सामरिक गतिशीलता का प्रदर्शन किया। चिनूक द्वारा भारी तोपों को एयरलिफ्ट करने के दृश्य ने आधुनिक युद्ध कौशल की मिसाल पेश की।

भविष्य के युद्ध की तैयारी

अभ्यास केवल पारंपरिक हमलों तक सीमित नहीं रहा। इसमें लोइटरिंग म्यूनिशन (आत्मघाती ड्रोन), काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम और मानवरहित तकनीकों का उपयोग कर भविष्य की चुनौतियों का पूर्वाभ्यास किया गया। इसके अलावा, सर्च एंड रेस्क्यू, आपदा राहत और कठिन भूभाग में त्वरित एयरलिफ्ट संचालन की क्षमताओं को भी वास्तविक परिस्थितियों में परखा गया।

ड्रोन शो और आत्मनिर्भर भारत

कार्यक्रम के दौरान एक भव्य ड्रोन शो का भी आयोजन हुआ, जिसमें आसमान में भारत के नक्शे और एयर डिफेंस सिस्टम जैसी आकृतियां बनाकर 'आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति' का संदेश दिया गया। धमाकों और मिसाइल प्रहारों की गूंज के बीच सटीक बमबारी ने भारतीय पायलटों के अचूक निशाने को प्रमाणित किया।

27 फरवरी को मुख्य आयोजन

वायुशक्ति-2026 का मुख्य आयोजन 27 फरवरी को होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। मुख्य अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो बारूद का उपयोग किया जाएगा, जो देश की सामरिक तैयारी और रणनीतिक मजबूती का सबसे बड़ा प्रमाण होगा।