
आधुनिक विमानों का शक्ति प्रदर्शन (फोटो- पत्रिका)
Vayu Shakti 2026: जैसलमेर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पश्चिमी मरुस्थल का आसमान मंगलवार शाम युद्धक गर्जना से गूंज उठा। पोकरण स्थित फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के युद्धाभ्यास 'वायुशक्ति-2026' का फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित किया गया।
इसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' की झलक देखने को मिली। शाम 5 बजकर 17 मिनट पर शुरू हुए इस अभ्यास ने साबित कर दिया कि भारतीय आकाश अब एक अभेद्य सुरक्षा कवच में तब्दील हो चुका है।
रेगिस्तान के शांत विस्तार को थर्राते हुए वायुसेना ने अपनी मारक क्षमता और तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाया। इस रिहर्सल में कुल 120 से अधिक एयर प्लेटफॉर्म सक्रिय रहे, जिनमें 77 लड़ाकू विमान, 43 हेलीकॉप्टर और 8 परिवहन विमान शामिल थे।
अभ्यास केवल पारंपरिक हमलों तक सीमित नहीं रहा। इसमें लोइटरिंग म्यूनिशन (आत्मघाती ड्रोन), काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम और मानवरहित तकनीकों का उपयोग कर भविष्य की चुनौतियों का पूर्वाभ्यास किया गया। इसके अलावा, सर्च एंड रेस्क्यू, आपदा राहत और कठिन भूभाग में त्वरित एयरलिफ्ट संचालन की क्षमताओं को भी वास्तविक परिस्थितियों में परखा गया।
कार्यक्रम के दौरान एक भव्य ड्रोन शो का भी आयोजन हुआ, जिसमें आसमान में भारत के नक्शे और एयर डिफेंस सिस्टम जैसी आकृतियां बनाकर 'आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति' का संदेश दिया गया। धमाकों और मिसाइल प्रहारों की गूंज के बीच सटीक बमबारी ने भारतीय पायलटों के अचूक निशाने को प्रमाणित किया।
वायुशक्ति-2026 का मुख्य आयोजन 27 फरवरी को होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। मुख्य अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो बारूद का उपयोग किया जाएगा, जो देश की सामरिक तैयारी और रणनीतिक मजबूती का सबसे बड़ा प्रमाण होगा।
Updated on:
25 Feb 2026 08:29 am
Published on:
25 Feb 2026 08:28 am
