
परिवहन विभाग की तरफ से निजी बसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों के विरोध में जैसलमेर जिले में गुरुवार को भी निजी बस ऑपरेटर्स की हड़ताल जारी रही। इसके चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही। उधर, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों में यात्रियों की भीड़ का मंजर देखा गया। जिला स्तर पर संचालित 11 मुख्य रूटों की 65 से अधिक निजी बसें तीसरे दिन भी नहीं चलीं, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही।
यात्रियों के साथ ही स्थानीय दुकानदारों को सामान मंगवाने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि निजी बस ऑपरेटर्स सरकार की ओर से वाहनों की फिटनेस केवल अधिकृत निजी सेंटरों पर करवाने के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं। जिले में कोई निजी फिटनेस सेंटर नहीं है, जिससे वाहन मालिकों को इसके लिए 285 किलोमीटर दूर जोधपुर जाना पड़ता है।
बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष जगदीश पुरोहित ने बताया कि एक भारी वाहन को जोधपुर ले जाने और वापस लाने में 560 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इसमें केवल डीजल का खर्च 4 से 10 हजार रुपए आता है, टोल टैक्स और स्टाफ का भत्ता अलग। पहले यह काम स्थानीय आरटीओ ऑफिस में कुछ घंटों में हो जाता था। ऑपरेटर्स का आरोप है कि नियमों का पालन करने के बावजूद भारी-भरकम जुर्माना लगाकर उन्हें आर्थिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा है। गुरुवार को शहरी व ग्रामीण रूटों की सभी निजी बस सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। कठिनाइयों का सामना करना पड़ा
Published on:
26 Feb 2026 09:21 pm
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