26 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राष्ट्रपति प्रचंड हेलीकाप्टर में भरेंगी ऐतिहासिक उड़ान, राफेल और सुखोई लड़ाकू विमानों में भी पहले भर चुकी उड़ान

सरहदी जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति-2026’ का आयोजन शुक्रवार को होगा।

less than 1 minute read
Google source verification

सरहदी जिले की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति-2026’ का आयोजन शुक्रवार को होगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। राष्ट्रपति मुर्मु कॉम्बेट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरेंगी और युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई मुआयना करेंगी।

यह पहला अवसर होगा, जब किसी राष्ट्रपति की जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में किसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में सह-पायलट के रूप में उड़ान भरी जा रही हो। वे वायुसेना स्टेशन पहुंचकर अधिकारियों और आकाशवीरों से संवाद करेंगी तथा उनका उत्साहवर्धन करेंगी। शुक्रवार शाम राष्ट्रपति का पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित है। युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना अपनी अत्याधुनिक युद्धक क्षमता, सटीक निशानेबाजी और सामरिक कौशल का प्रदर्शन करेगी। वायुशक्ति-2026 को देखते हुए चांधन से पोकरण तक के क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मु इससे पूर्व भी फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों में उड़ान भर चुकी हैं।

29 अक्टूबर 2025 को अंबाला स्थित गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन के राफेल विमान में उन्होंने उड़ान भरी थी। इससे पहले 8 अप्रेल 2023 को असम के तेजपुर एयरबेस से सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान पूरी की थी। सुखोई और राफेल जैसे दो अलग-अलग अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली वह देश की पहली राष्ट्रपति हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी सुखोई विमान में उड़ान भर चुकी हैं।

मुख्य आयोजन आज

वायुशक्ति-2026 का मुख्य आयोजन शुक्रवार को होगा। एक बार फिर मरुधरा की धरती पर भारतीय वायुसेना का पराक्रम और सामरिक क्षमता दुनिया के सामने प्रदर्शित होगी। अभ्यास शाम 5:17 पर शुरू होना निर्धारित है।