सीमावर्ती जैसलमेर जिले में एक बड़े घटनाक्रम के अंतर्गत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का गेस्ट हाउस में संविदा पर लगे कार्मिक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया है।
सीमावर्ती जैसलमेर जिले में एक बड़े घटनाक्रम के अंतर्गत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का गेस्ट हाउस में संविदा पर लगे कार्मिक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया है। जासूसी का आरोपी महेंद्र प्रसाद जिले पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में स्थित डीआरडीओ के गेस्ट हाउस में गत ५ वर्षों से कार्यरत है। वह फिलहाल मैनेजर के तौर पर कामकाज देख रहा था। मूलत: उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा निवासी महेंद्र प्रसाद को एजेंसियों ने बीती रात पकड़ा है। उससे अब पुलिस सहित विभिन्न खुफिया एजेंसियां संयुक्त पूछताछ करेंगी। देश के रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संगठन डीआरडीओ के गेस्ट हाउस मैनेजर के पकड़े जाने की घटना के बाद सभी सभी एजेंसियां हरकत में आई हैं क्योंकि संगठन के गेस्ट हाउस में आए दिन रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले वैज्ञानिक और अन्य उच्चाधिकारी ठहरते हैं।
जानकारी के अनुसार महेंद्र प्रसाद पर एजेंसियों की तरफ से विगत लम्बे समय से नजर रखी जा रही थी। उस पर आरोप है कि मोबाइल फोन के जरिए वह पाकिस्तान बात करता है। यह रेंज देश की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंज है, जहां वर्ष पर्यंत युद्धाभ्यास और नए हथियारों का परीक्षण आदि की गतिविधियां संचालित होती हैं। एजेंसियों को संदेह है कि इन सब विषयों में उसने पाकिस्तान को जानकारियां दी है। मोबाइल से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
संविदा पर ५ साल से लगे कार्मिक महेंद्र को डिटेन किया है। संदेह है कि वह सूचनाएं लीक करता था। उसके पास मिले मोबाइलों के आधार पर अनुसंधान किया जा रहा है।
-अभिषेक शिव हरे, पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर