पोकरण क्षेत्र के मेड़वा, पदरोड़ा, इन्द्रानगर, ऊंचपदरा, प्रभुपुरा, रायपालों की ढाणी, मंगलियों की ढाणी, बाबो की ढाणी आदि ग्रामीण क्षेत्र में गत तीन वर्षों से बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रोष जताते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सुपुर्द कर समस्या के समाधान की मांग की।
पोकरण क्षेत्र के मेड़वा, पदरोड़ा, इन्द्रानगर, ऊंचपदरा, प्रभुपुरा, रायपालों की ढाणी, मंगलियों की ढाणी, बाबो की ढाणी आदि ग्रामीण क्षेत्र में गत तीन वर्षों से बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रोष जताते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सुपुर्द कर समस्या के समाधान की मांग की। इसके साथ ही समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। लुकमान खां झलारिया, कैलाश मेड़वा, जसवंतसिंह पदरोड़ा, केवलराम, उगमदान, देवीसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को दोपहर पोकरण पहुंचे। यहां उन्होंने उपखंड अधिकारी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद उपखंड अधिकारी हीरसिंह चारण से मुलाकात की और एक ज्ञापन सुपुर्द किया। उन्होंने बताया कि इन गांवों व ढाणियों में 10 हजार की आबादी निवास करती है। साथ ही हजारों मवेशी भी है। गत तीन वर्षों से जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित है। नियमित रूप से पानी नहीं पहुंचने के कारण गर्मी के मौसम में ग्रामीणों का बेहाल हो रहा है तो मवेशी जंगलों में भटककर दम तोड़ रहे है।
ग्रामीणों ने बताया कि माड़वा, बारठ का गांव व डूंगरे की ढाणी में निर्मित स्वच्छ जलाशय से क्षेत्र में जलापूर्ति होती है, लेकिन यहां कार्यरत कर्मचारियों की अनदेखी व पाइपलाइनों पर अवैध कनेक्शनों के कारण पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिसको लेकर कई बार अधिकारियों व कर्मचारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने माड़वा से बारठ का गांव तक लगी मुख्य पाइप लाइन से अवैध कनेक्शनों को हटाने, लीकेज व टूटी पाइपलाइनों को ठीक करने, बारठ का गांव एसआर पर एक कार्मिक को नियुक्त कर जलापूर्ति सुचारु करने, भविष्य में पेयजल संकट के हालात नहीं हो इसके लिए जिम्मेदारों को पाबंद करने, डूंगरे की ढाणी में हाइडेंट लगाने, बलवंतसिंह की ढाणी से रूपाणियों की ढाणी तक नई पाइपलाइन स्वीकृत कर वंचित ढाणियों को जोडऩे, जल जीवन मिशन में वंचित गांवों व ढाणियों को जोडऩे, रातडिय़ा एसआर से पदरोड़ा, इन्द्रानगर की पाइपलाइन को ठीक कर नियमित जलापूर्ति करने और पेयजल संकट की समस्या का निस्तारण करने की मांग की। उन्होंने बताया कि यदि सात दिन में समस्या का समाधान नहीं होता है तो उनकी ओर से जैसलमेर जिला कलक्टर कार्यालय के समक्ष धरना देकर अनशन शुरू किया जाएगा।