
पोकरण(जैसलमेर). उपखण्ड मुख्यालय से सबसे निकटवर्ती व कस्बे से लगती डिडाणिया ग्राम पंचायत में गत लम्बे समय से पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। यहांं मात्र एक डिडाणिया गांव में ही निर्मित जलदाय विभाग के एक दर्जन से अधिक जीएलआर कहीं एक वर्ष, तो कहीं दो वर्ष से सूखे पड़े है। डिडाणिया गांव में कई जीएलआर दो से तीन वर्ष से खाली है। कई बार जीएलआर व पशुखेलियां जलापूर्ति नहीं होने से कचरे से अटी पड़ी है तथा क्षतिग्रस्त भी हो चुकी है। गांव में हाजी रशीद मोहम्मद की ढाणी, हाजी निजामखां की ढाणी, पीरुजी की ढाणी, कुम्हारों की ढाणी, सफी मोहम्मद की ढाणी, मीरहसनखां की ढाणी, हाजी सदीक मोहम्मद की ढाणी, गांव की मस्जिद के पास, देवजी कुम्हार की ढाणी, जलधरी, सिणला, जोजरा घाटी, कालीमगरी, मांगोलाई आदि ढाणियों में स्थित जीएलआर कहीं दो वर्ष, तो कहीं तीन वर्ष से खाली पड़े है। ऐसे में ग्रामीणों को सुथारों की बेरी से सिर पर ढोकर अथवा पोकरण, धूड़सर या लवां गांव से पानी 6 00 से 8 00 रुपए प्रति ट्रैक्टर टंकी देकर खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है।
संयंत्र भी खराब
डिडाणिया व केरावा में निर्मित कुछ जीएलआर व पशुखेलियां क्षतिग्रस्त भी हो चुके है। जिसके चलते यहां आपूर्ति होने वाला पानी रिसाव होकर व्यर्थ बह जाता है। इसी प्रकार यहां लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए डी-फ्लोराइडेशन संयंत्र भी खराब पड़े है। जिसके चलते ्रगामीणों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है तथा सरकार की लाखों रुपए की धनराशि का भी दुरुपयोग हो रहा है।
सौंपा ज्ञापन, लगाया आरोप
ग्रामीणों ने पूर्व जिला परिषद सदस्य हाजी रशीद मोहम्मद के नेतृत्व में सोमवार को उपखण्ड अधिकारी को पेयजल समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ढाणियों को पाइपलाइन से जोडकऱ जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
जोड़ी जाएगी सभी ढाणियां
एकां से टाकों की ढाणी स्थित सीडब्ल्यूआर को जोडकऱ गांव में मीठा पानी उपलब्ध करवाने की शुरुआत की गई है। शीघ्र ही ग्राम पंचायत स्तर पर जलप्रबंधन कमेटी बनाकर शेष रही सभी ढाणियों को जोडकऱ नहरी पानी की आपूर्ति होगी।
-मोतीलाल कच्छवाहा, अधिशासी अभियंता पोकरण-फलसूण्ड पेयजल लिफ्ट परियोजना, पोकरण।