जैसलमेर

शिक्षा विभाग अधिकारियों की समीक्षा बैठक ,जिला कलक्टर ने कही यह बात

गुणवतापूर्ण शिक्षा की जरूरत ‘बेहतरीन ढंग से कार्य तो करें ही, तत्परता से सुधारे भी’
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Jul 08, 2018
Education Department officials review meeting in jaisalmer
शिक्षा विभाग अधिकारियों की समीक्षा बैठक ,जिला कलक्टर ने कही यह बात

जैसलमेर. जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एसप्रेशनल डिस्ट्रिक्ट जिले के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि विशाल भू-भाग में फैले इस मस्थलीय जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में गुणवतापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतरीन ढंग से कार्य कर इसमें सुधार लाने की जरुरत है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को टीम की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने बैठक के दौरान विशेषकर ग्रामीणांचलों में स्कूली शिक्षा के प्रति बालक-बालिकाओं को शिक्षा से अधिकाधिक संख्या में जोडऩे के लिए नामांकन कार्य को बढ़ावा दिए जाने पर संवेदनशील होकर निर्धारित समय सीमा में प्रयास करने की हिदायत दी। उन्होंने शिक्षा के प्रति में लोगों को आगे लाने के लिए सोच को बदलने की जरुरत पर बल दिया। बैठक में शिक्षा के विविध पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिलापरिषद अनुराग भार्गव, मुख्य आयोजन अधिकारी डॉ. बीएल मीना, प्राचार्य डाईट लक्ष्मीदेवी, जिला शिक्षाधिकारी रामधन जाट, अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी मनोहरलाल देवपाल, बीईओ सम व जैसलमेर दलपतसिंह, अनोपसिंह एडीपीसी सर्व शिक्षा कानसिंह के साथ ही पीरामल फाउंडेशन एजुकेशन से दिनेश, धर्मेन्द्र, दामिनी, विशाल, ऐश्वर्या और स्वास्थ्य से नीरज समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रारंभ में एसप्रेशनल कार्यक्रम की विस्तार से चर्चा करते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग भार्गव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि वे इस कार्य में तत्परता दिखाते हुए आगामी पन्द्रह दिवस के अंतराल में एक कार्ययोजना तैयार करें। बैठक में जिला शिक्षाधिकारी रामधन जाट और बीईओ सम ने स्कूलों में बच्चों के बौद्विक विकास को लेकर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

‘मानवता के सच्चे उपासक थे मुखर्जी’
जैसलमेर. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सांस्कृतिक दृष्टि से हम सभी एक है विचारधारा के पक्षधर रहे । इस कारण वे धर्म के आधार पर विभाजन के कट्टर विरोधी थे। उनका कहना था कि एक ही हमारी भाषा है, एक ही संस्कृति है और हम सब एक है। सभी में एक ही रक्त है। यह विचार शिक्षाविद कमल किशोर व्यास ने नेहरु युवा केन्द्र के सभागार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उपस्थित युवाओं से कही। व्यास ने कहा कि डॉ. मुखर्जी सच्चे अर्थो में मानवता के उपासक थे। वे गांधी और पटेल के अनुरोध पर देश के पहले मंत्रीमंडल में शमिल हुए। केन्द्र के राजेन्द्र पुरोहित ने कहा कि डॉ. मुखर्जी वीर सांवरकर के राष्ट्रवाद के प्रति आकर्षित हुए और हिन्दू महासभा में शामिल हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा स्वंय सेवक सुभाष सैन, नरेगा प्रशिक्षण समन्वयक कासम खा चानिया ने भी विचार व्यक्त किए। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म दिवस पर नाथूसर, कबीरबस्ती, खीया में युवा मंडलों की ओर से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

Published on:
08 Jul 2018 05:25 pm