
Weather News: पश्चिमी विक्षोभ का असर सरहद से सटे जैसलमेर जिले में भी रविवार को देखने को मिला। स्वर्णनगरी में शाम को आई आंधी से जन-जीवन प्रभावित हुआ। शाम को कभी धीमे तो कभी तेज गति से बारिश का दौर चला। शाम साढ़े पांच बजे तेज बौछारों के साथ बारिश से शहर में जगह-जगह पानी जमा हो गया। उधर, रामदेवरा क्षेत्र में जोरदार बारिश के साथ ओलावृ़ष्टि भी हुई। कई जगह नींबू के आकार के ओले भी गिरे, जिससे सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। यहां तालाबों व नाडी में पानी की अच्छी आवक हुई, वहीं लगातार बारिश होने से घरों में भी पानी घुस आया।
उधर, पोकरण में भी तेज बारिश से जन-जीवन प्रभावित नजर आया। लोहारकी के पास आंधी ने आमजन को बेहाल करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। नाचना क्षेत्र में तेज आंधी के साथ बारिश का दौर चला। इस दौरान ओलावृष्टि भी हुई। भीखोड़ाई में मौसम का मिजाज बदलने से धूल का गुबार छा गया, जिससे दिन में भी अंधेरा हो गया। उधर, मोहनगढ़ में तेज अंधड़ के कारण पेड़ गिर गए, वहीं टिन शेड व होर्डिग्स भी उड़ गए। चारों ओर रेत का गुबार छाने से 50 मीटर की दूरी तक कुछ भी नजर नहीं आया। उधर, दूधिया गांव में भारी बारिश से बिजली के तार टूट गए।
यह भी पढ़ें : अगले तीन घंटे में यहां होगी मूसलाधार बारिश आएगा तूफान
हवा ने लिया तूफ़ान तूफानी रूप
अचानक से बदलते मौसम में तेज हवा ने तूफानी आंधी का रूप ले लिया और चारों तरफ रेत के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। इतने में यहां लगे कपड़े के शामियाने फटने लगे और टेंट के पोल गिर गए। तूफानी आंधी का असर इस कदर था कि 10-15 फीट से दूर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। चारों तरफ अंधेरा पसर गया। उड़ते रेत के गुबार से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। आंधी तूफान के बीच गाडिय़ों की लाइट की रोशनी भी नहीं दिख रही थी।
चांदसर से रामदेवरा तक तूफानी बारिश इतनी तेज थी सड़क के दोनों तरफ पेड़, झाडिय़ां धराशायी होकर सड़क पर आ गए। जिससे वाहन चालकों का वाहन चलाना मुश्किल हो गया। कुछ वाहन चालक तो सड़क किनारे वाहन खड़ा कर तूफान बंद होने का इंतजार करने लगे। पूरी सड़क पर वाहन के आगे सड़क की बजाय पानी की बौछारे नजर आ रही थी। तूफानी बारिश का असर कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।