निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने दिया धरना
जैसलमेर. राज्य में प्रस्तावित 6 जिलों के निजीकरण के विरोध तथा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर गुरुवार को डिस्कॉम के कर्मचारी राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के आह्वान पर एक दिवसीय धरना वृत्त कार्यालय पर दिया गया। इस दौरान जानकारी दी गई कि ऊर्जा विभाग की ओर से राज्य के छह जिलों जालौर, चूरू, नागौर, झुंझुनू, दौसा और करौली को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्र के जालौर और चूरू जिले के निजीकरण के विरोध में भारतीय मजदूर संघ की औद्योगिक इकाई जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ ने सभी व्रतों पर धरना देकर निजीकरण का विरोध जताया। जिला महामंत्री महिपालसिंह पंवार ने बताया कि धरना कार्यकारिणी अध्यक्ष बींजाराम की अध्यक्षता व राजस्थान विद्युत श्रमिक संघ महासंघ के सह संगठन मंत्री कुशलाराम डऊकिया के सानिध्य में दिया गया। संयुक्त मंत्री हरिराम ने बताया धरने में जैसलमेर पोकरण सहित जिले के कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। धरने को प्रदेश सह संगठन मंत्री कुशलाराम, डऊकिया, नारायणसिंह श्रीमाली, कृष्ण कुमार, कार्तिक भाटी, राजेंद्र गर्ग आदि ने संबोधित किया। डूऊकिया ने बताया कि पहले चरण में गुरुवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर आंदोलन का आगाज किया जा रहा है। दूसरे चरण में सभी तीनों डिस्कॉम मुख्यालय पर 8 सितंबर 2021 को धरना दिया जाएगा और तीसरे चरण में 20 सितंबर 2021 को जयपुर स्थित विद्युत मुख्यालय पर क्रमिक धरना आरंभ किया जाएगा। जिला महामंत्री महिपाल सिंह पंवार ने बताया कि निजीकरण के विरोध में ज्ञापन अधीक्षण अभियंता के माध्यम से मुख्यमंत्री की ओर से भेजा गया और दूसरा ज्ञापन स्थानीय समस्याओं को लेकर अधीक्षण अभियंता को दिया गया। धरने में सवाईसिंह, रामायणी, मांगीलाल, मनोहर, सुरेंद्रसिंह, मदनलाल, भंवरलाल, झूंझारसिंह, भरत गगन, मनोहर सिंह मौजूद थे।