विद्युत तारों व पोलों पर उलझी पताकाएं दे रही है हादसे को निमंत्रण
पोकरण(जैसलमेर). कस्बे में विद्युत पोलों व तारों पर झूल रही पताकाएं हादसे को निमंत्रण दे रही है। जबकि डिस्कॉम व नगरपालिका की ओर से इन पताकाओं को हटाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गौरतलब है कि गत 18 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पोकरण में जागृत हिन्दू महासंगम का आयोजन किया गया था। इस दौरान कस्बे के मुख्य मार्गों, चौराहों व विद्युत पोलों पर पताकाएं लगाई गई थी। महासंगम के आयोजन के बाद इन पताकाओं को पुन: नहीं उतारा गया। अब ये पताकाएं तेज हवा व आंधी के कारण टूटकर नीचे गिर रही है तथा विद्युत पोलों व ट्रांसफार्मरों के चारों तरफ उलझ रही है। ऐसे में तारों के टूट जाने अथवा पताकाओं के उलझने के कारण विद्युत तारों के आपस में टकरा जाने व शॉर्ट सर्किट हो जाने की स्थिति में हादसे की आशंका बनी हुई है।
विद्युत तारों में उलझी है पताकाएं
महासंगम के दौरान कस्बे में जैसलमेर रोड, जोधपुर रोड, व्यास सर्किल, रेलवे स्टेशन रोड, फोर्ट रोड पर पताकाएं लगाई गई थी। महासंगम के समापन के बाद पताकाएं उतारी नहीं गई।जिसके चलते ये पताकाएं आंधी व बारिश के चलते टूट चुकी है। अब ये पताकाएं विद्युत तारों व विद्युत पोलों पर उलझी पड़ी है।ऐसे में विद्युत तारों के आपस में टकरा जाने से किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऐ मेरे दिल कहीं ओर चल...
जैसलमेर. साधना कला मंच की ओर से पाŸव गायक तलत महमूद की पुण्यतिथि पर स्थानीय गांधी कॉलोनी स्थित एलआईसी कार्यालय में एक शाम तलत महमूद के नाम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भंवरलाल गर्ग ने की। संस्था के सचिव गोविन्द भाटिया ने बताया कि इस दौरान मोहम्मद रफीक ने बेचैन नजर, बेताब जिगर, ये दिल है किसी का दिवाना, नन्दकिशोर सोनी ने ये हवा ये चांदनी, श्यामसिंह रूपसी ने शाम ऐ गम की कसम, आज गमगीं है हम, भंवरलाल गर्ग ने ऐ मेरे दिल कहीं ओर चल, डॉ. सज्जन खां ने जिंगदी देने वाले सुन, शाहरूख खां ने जलते है जिसके लिए, तेरी यादों के दीये, प्रदीपसिंह दैया ने मैं पागल मेरा मनवा पागल, प्रकाश माली ने हमसे आया ना गया, उनसे बुलाया ना गया, रमेश ने जिसे दिल में बसाना चाहा था गानों की प्रस्तुतियां दी।