जैसलमेर

पेयजल संसाधनों का विस्तार, सुविधाओं में इजाफा

-जल-जीवन मिशन में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए 63 करोड़ की योजना को मंजूरी-पेजयल समस्या पर निगरानी रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित-प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में छाया रहा पेयजल का मुद्दा
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Updated: 30 Mar 2021, 10:51 PM IST
पेयजल संसाधनों का विस्तार, सुविधाओं में इजाफा
पेयजल संसाधनों का विस्तार, सुविधाओं में इजाफा

जैसलमेर. गर्मी की भीषणता व नहरबंदी के बीच गहरा रहे पेयजल संकट की समस्या को अब विराम लग सकेगा, वहीं सरहदी जिले के किसी भी क्षेत्र में पेयजल समस्या की जानकारी तुरंत जिम्मेदारों को मिल सकेगी। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे अभियान के बाद यह सुखद स्थिति बनी है। गौरतलब है किे राजस्थान पत्रिका में खाली गागर, सूखे कंठ शीर्षक से अभियान शुरू किया गया, जिसके माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा रहे पेयजल संकट, झाडिय़ों से अटे जीएलआर, सरहदी गांवों की पेयजल किल्लत, तालाब व बेरियों पर पानी को लेकर निर्भरता, कुंओ का स्तर घटने से फ्लोराइड मात्रा बढऩे, दूरस्थ ढाणियों में पेयजल को लेकर परेशानियां आदि को लेकर समाचार शृंखला का प्रकाशन किया गया था। समाचार प्रकाशन के बाद जिम्मेदार हरकत में आए। प्रदेश सरकार ने पेयजल संसाधनों का विस्तार करते हुए सुविधाओं में इजाफा करने की कवायद शुरू की है। जल-जीवन मिशन में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए 63 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है। अब घर-घर नए कनेक्शन देकर पेयजल सुविधा दी जाएगी।
नियंत्रण कक्ष स्थापित
जिले में नहरबंदी के दौरान पेयजल व्यवस्था सुचारू व सुव्यवस्थित बनाए रखने और पेयजल से संबंधित जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष अधिशासी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नगर खण्ड जैसलमेर और अधिशासी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग खण्ड पोकरण की ओर से स्थापित किए गए हैं। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता के अनुसार कंट्रोल रूम प्रभारी व ड्यूटी कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क व सजग रहने को कहा गया है।
जिलास्तरीय बैठक में छाया रहा मुद्दा
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रिका की ओर से उठाया गया मुद्दा छाया रहा। प्रभारी मंत्री सुखराम विश्नोई ने नहरबंदी को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पीने के पानी का भण्डारण करने की हिदायत जिम्मेदारों को दी। इसके साथ ही उन्होंने जलदाय एवं नहर विभाग के अधिकारियों को आगामी नहरबंदी को देखते हुए पीने के पानी का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण करने को भी कहा, ताकि नहरबंदी के दौरान पीने का पानी पर्याप्त मिले।

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