-खुहड़ी के मखमली धोरों पर सजी सुमुधर सांझ
जैसलमेर. विख्यात मरु महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार रात को खुहड़ी के रेतीले धोरों पर पूनम के चांद की साक्षी में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर थिरकते कदमों की लय-ताल और लोक वाद्यों की गूंज ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शुक्रवार की सुमधुर सांझ खुहड़ी के मखमली रेतीले धोरों पर जब सजी तो हर कोई कह उठा वाह-वाह। इससे पूर्व सजे-धजे ऊंटों से सफारी और कैमल ब्यूटीफिकेशन शो का आयोजन हुआ। इसके उपरांत रात तक यौवन छलकाते चांद की रोशनी तले धोरों पर लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जिसकी साक्षी बना जन हुजूम। लोक कलाकारों के साथ ही कबीर कैफे एण्ड अतरंगी बैण्ड की ओर से मनोरम प्रस्तुतियां दी गई। आतिशबाजी के साथ खुहड़ी के कार्यक्रमों का समापन हुआ।
समापन सम के धोरों पर
अपराह्न 4 से 6 बजे तक सम के धोरों पर कैमल रेस, कैमल डांसए होर्स डांसए रस्साकशीए सैण्ड आर्ट डिस्प्ले आदि के कार्यक्रम होंगे। अपराह्न 4 से 6 बजे तक सम के धोरों पर कैमल रेस, कैमल डांस, होर्स डांस, रस्साकशी, सैण्ड आर्ट डिस्प्ले आदि कार्यक्रम होंगे। शाम 7 बजे सम के धोरों पर सुरीलो जैसाण होगा। इसमें इण्डियन आईडल फेम एवं प्ले बेक सिंगर स्वरूप खान और विख्यात सिंगर ममे खान की मशहूर प्रस्तुतियों का दरिया बहेगा। विश्वप्रसिद्ध सम के धारों पर शनिवार रात 10 बजे रंगीन आतिशबाजी के साथ चार दिवसीय मरु महोत्सव का समापन होगा।