
मोहनगढ़. इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतिम छोर जीरो आरडी स्थित हेड पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को सातवें दिन भी जारी रहा। नहरी क्षेत्र के दूरदराज इलाकों से किसान लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं और आंदोलन में भागीदारी निभा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सात दिन से धरना जारी रहने के बावजूद जिला प्रशासन और नहर प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
किसानों के अनुसार अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचकर उनसे वार्ता करने नहीं आया। इससे किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि अंतिम छोर के क्षेत्र में सिंचाई पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। पानी के अभाव में फसलों पर संकट मंडरा रहा है, लेकिन उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
गुरुवार को भी जीरो आरडी हेड स्थित धरना स्थल पर नहरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों और दूरदराज इलाकों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसान नेताओं ने सिंचाई पानी की मांग को लेकर आंदोलन को मजबूत करने और किसानों को एकजुट रखने का आह्वान किया। धरने में किसान नेता साहबान खान, हनुमान बिश्नोई, तनेराव सिंह सांखला, चेतराम कसवां, स्वरूप सिंह सांखला, मामराज बिश्नोई, जबर सिंह, अनोप सिंह, जेठाराम बिश्नोई और भंवरलाल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
किसानों ने कहा कि वे सात दिन से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से वार्ता तक नहीं की गई। किसानों ने जिला प्रशासन और नहर प्रशासन से धरना स्थल पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने तथा सिंचाई पानी की समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की। किसानों का कहना है कि जब तक अंतिम छोर तक पर्याप्त सिंचाई पानी की व्यवस्था नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द वार्ता कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।