इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतिम छोर जीरो आरडी पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का बेमियादी धरना शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। किसानों की ओर से उग्र आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद धरना स्थल पर हजारों की संख्या में किसान एकत्रित हुए, जिससे जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतिम छोर जीरो आरडी पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का बेमियादी धरना शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। किसानों की ओर से उग्र आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद धरना स्थल पर हजारों की संख्या में किसान एकत्रित हुए, जिससे जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। पांच थानों का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। इस दौरान नहर प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी किसानों से वार्ता के लिए धरना स्थल पर पहुंचे।
वार्ता के दौरान प्रशासन की ओर से एसबीएस सेकंड ग्रुप को सुचारू रूप से चलाने तथा दो दिन बाद पॉण्ड भर जाने के पश्चात लगभग 300 से 400 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इस पर किसानों ने एक बार फिर प्रशासन पर विश्वास जताया, लेकिन स्पष्ट किया कि जब तक जैसलमेर जिले के हिस्से का पूरा सिंचाई पानी नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा।
शनिवार को हुई वार्ता में जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार ललित चारण, जैसलमेर जोन के अधीक्षण अभियंता रामावतार मीना, रेगुलेशन विभाग के अधिशासी अभियंता कप्तान मीना तथा पुलिस प्रशासन की ओर से नाचना वृत्ताधिकारी गजेंद्र सिंह सहित पांच थानों के थानाधिकारी मय जाब्ता उपस्थित रहे। धरना स्थल पर चौथे दिन किसान नेता अचलाराम, साहबान खां, भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष बैणसिंह, चंद्रवीरसिंह भाटी, कुलदीप सिंह पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह, तणेरावसिंह सांखला, दोस्त अली, प्रेम डूंगर सिंह, कमल सिंह नरावत, चुत्तर सिंह, दिलदार सांवरा, कानाराम मेघवाल, कुंभाराम मेघवाल, सुराराम भील सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।