मोहनगढ़ इंदिरा गांधी नहर के अंतिम छोर जीरो आरडी पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का बेमियादी धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। पिछले सात दिनों से लगातार चल रहे इस आंदोलन में बुधवार को भी क्षेत्रभर से सैकड़ों किसान पहुंचे और नहर प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष जताया।
मोहनगढ़ इंदिरा गांधी नहर के अंतिम छोर जीरो आरडी पर सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का बेमियादी धरना बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। पिछले सात दिनों से लगातार चल रहे इस आंदोलन में बुधवार को भी क्षेत्रभर से सैकड़ों किसान पहुंचे और नहर प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष जताया। किसानों का आरोप है कि लंबे समय से नहरों में पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलने से फसलें सूखने की कगार पर हैं। बार-बार ज्ञापन और अधिकारियों से वार्ता के बावजूद ठोस समाधान नहीं निकला, जिससे किसानों को मजबूरन अनिश्चितकालीन धरने का रास्ता अपनाना पड़ा। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।धरने में शामिल किसान नेताओं में साहबान खां, ठाकराराम बेनीवाल, जुम्मे खां सदराऊ, लालाराम बिश्नोई, सुभाष बिश्नोई, विनोद बिश्नोई, हबीबुल्लाह बाहला, लाड खां बाहला, टीकमराम, मगाराम, बिरमाराम, नारायण राम, हुकमाराम, हनुमान राम, श्रवण कुमार, पृथ्वी बिश्नोई, खरताराम, मुख्तार खां, कालू खां, मालूक खां, मेघाराम, छताराम, दमाराम, पुन्नू खां, मदनलाल भील, मेजर सिंह, सरदार धर्माराम, नरेश बिश्नोई, लीलाधर, अजीज खां, सत्तार खा, सिकंदर खां, लुंबा राम, बलविंदर सिंह, अनदाराम, बिरधा राम सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे। आंदोलन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही नहरों में पर्याप्त मात्रा में सिंचाई पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों का कहना है कि क्षेत्र अंतिम छोर पर होने के कारण हर बार पानी की कटौती का खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ता है। उधर, धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों के अनुसार यह लड़ाई उनके हक और फसलों को बचाने की है। जब तक नहरों में नियमित व पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिलेगा, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।