
जैसलमेर। सितंबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है, लेकिन जैसलमेर में गर्मी के तेवर तेज होते-होते मई और जून के दौर में पहुंच रहे हैं। बुधवार को तन झुलसाने वाली धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिन का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 28.8 डिग्री रहा। दोपहर के समय गर्म हवा चलने से लोगों को लू जैसी गर्मी का अहसास हुआ। हालात ऐसे रहे कि घरों और प्रतिष्ठानों से बाहर निकलने वाले लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा और वे एक तरह से सहम गए। ऐसे ही शहर भ्रमण पर आए पर्यटकों के लिए तो यह गर्मी असहनीय साबित हो रही है।
सुबह से ही धूप में तेजी महसूस होने लगी थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, तापमान बढ़ता गया। दोपहर के समय गर्म हवा के थपेड़ों ने परेशानी और बढ़ा दी। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में दोपहर में चहल-पहल कम नजर आई। लोग धूप से बचने के लिए छांव तलाशते दिखाई दिए। गर्मी के कारण दुपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को 42.9 डिग्री तापमान के साथ जैसलमेर प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में सिरमौर। सितंबर के अंतिम दिनों में इतनी अधिक गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया है। रात का तापमान भी 28.8 डिग्री रहने से राहत सीमित बनी हुई है। दिन में तेज गर्मी और रात में अपेक्षाकृत अधिक तापमान के कारण मौसम का असर लगातार बना हुआ है। मौसम में बदलाव की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
जैसलमेर. अम्बेडकर चौराहे से 132 केवी जीएसएस तक सड़क चौड़ीकरण के दौरान विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग के चलते 24 सितंबर को सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक देवा-पोहड़ा, खुहड़ी, थैयात और देवीकोट 33 केवी फीडर बंद रहेंगे। इससे संबंधित 33/11 केवी जीएसएस, 11 केवी फीडर, गांवों, कृषि नलकूपों और जलदाय योजनाओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। अधिशाषी अभियंता प्रदीप बारूपाल ने यह जानकारी दी।