- फलसूंड सीएचसी में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव, 20 की बजाय 10 पलंग ही उपलब्ध, चिकित्सकों के पद रिक्त
फलसूण्ड . जिले के बाड़मेर व जोधपुर जिले की सीमा पर बसे फलसूण्ड गांव में चिकित्सा सुविधाओं के नाम पर हमेशा उपेक्षा होती रही है। जिले के सबसे बड़े गांव में चिकित्सा के नाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सक, मेलनर्स, एएनएम के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में गंभीर मरीजों व दुर्घटना के दौरान घायलों को इलाज के लिए जोधपुर रैफर करना पड़ता है।
अस्पताल में पद रिक्त
गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को क्रमोनत हुए पांच वर्ष हो चुके है, लेकिन सेवाएं आज भी प्राथमिक अस्पताल की ही मिल रही है। अस्पताल में चार विशेषज्ञ शिशु रोग, स्त्री रोग, फीजीशियन चिकित्सक, एक सहायक चिकित्सक का पद रिक्त हैं। यहां स्वीकृत चार चिकित्साधिकारियों में से दो चिकित्सक कार्यरत हैं। ऐसे में चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से लडखड़़ाई रहती है। विभाग व जनप्रतिनिधियों के बेरुखी के कारण आज भी अस्पताल सुविधाओं को तरस रहा है। यहां एक्स-रे मशीन लगी हुई है, लेकिन रेडियोग्राफर नहीं है। ईसीजी मशीन है, लेकिन तकनीकी सहायक नहीं है। दो एएनएम के पद रिक्त है। यहां प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं, लेकिन चिकित्सकों के अभाव में गंभीर बीमार 10 से 12 मरीजों को प्रतिदिन जोधपुर, पोकरण जाकर उपचार करवाना पड़ता है।
50 हजार की आबादी हो रही प्रभावित
फलसूण्ड सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के 30 गांव आते हैं। जिनकी आबादी करीब 50 हजार है। इस अस्पताल के अंर्तगत सोहनपुरा, पनवानाड़ा, फूलासर, रावतपुरा, धर्मासर, सांगाबेरा के उपस्वास्थ्य केंद्र हंै, लेकिन यहां एएनएम के पद रिक्त है। जीवराजगढ़, खुमानसर, श्यामपुरा, चांदनी मेघासर, जो बड़े गांव है, इन गांवों में उपस्वास्थ्य केंद्रों की आज भी दरकार है। चिकित्सा व्यवस्था में सुधार नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं व बच्चों का समय पर टीकाकरण भी नहीं हो पाता है।
अस्पताल में नहीं बैड
अस्पताल में बैड की कमी होने के कारण भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में 20 बैड स्वीकृत है, लेकिन यहां मात्र 10 बैड ही लगे हुए है। जिसके चलते कई बार इनडोर में मरीजों की भीड़ बढऩे पर बाजार से पलंग किराए पर लेकर आने पड़ते हंै। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। इस संबंध में कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
नए भवन को लोकार्पण का इंतजार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए करोड़ों की लागत से नए भवन का निर्माण करवाया गया था। एक वर्ष से यह भवन लोकार्पण का इंतजार कर रहा है। वर्तमान में पुराने भवन में अस्पताल का कामकाज चल रहा है। अस्पताल में थ्री फेस कनेक्शन नहीं होने के कारण वॉल्टेज की समस्या रहती है। अस्पताल में जनरेटर की भी व्यवस्था नहीं है।
इनका कहना
अस्तपाल में चिकित्सकों के पद भरने के लिए विभाग को कई बार अवगत करवा है। यहां उपलब्ध स्टाफ से मरीजों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे है।
-डॉ. जितेंद्र यादव, प्रभारी सीएचसी फलसूण्ड
जिले में चिकित्सक व एएनएम के पद भरने के लिए चिकित्सा मंत्री से कई बार बात हुई है। नई भर्ती पर जिले में रिक्त पदों पर नियुक्ति के प्रयास किए जाएंगे। नए उपस्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति के लिए मंत्री से मांग की जाएगी।
- शैतानसिंह राठौड़, विधायक पोकरण