-विधि-विधान से पढ़ाई सतरभेदी पूजा
जैसलमेर. जैन धर्म के पहले तीर्थकर आदिनाथ भगवान का वार्षिक ध्वजारोहण समारोह उत्साह के माहौल में हुआ। संघवी सेठ प्रतापचंद, हिम्मतराम बाफना परिवार की ओर से निर्मित अमरसागर जिनालय में मंगलवार को जैन ट्रस्ट जैसलमेर के तत्वावधान में डीसा निवासी विधीकारक सुनील भाई बिलीमोहरा, संगीतकार राजु व्यास ने मंत्रोचार के साथ अठार अभिषेक व सतरभेदी पूजा पढाई गई। इस अवसर पर रामगंजमंडी निवासी हिम्मतराम परिवार से सुभाष बाफना, सूरत से शरद भाई, वर्षा बेन मेहता, कलकता से आशा वसा व रमेश भाई वसा की साक्षी में मंदिर के 1500 वर्ष प्राचीन मूलनायक आदिनाथ भगवान के शिखर पर मंगल ध्वजा की विधी विधान से महेन्द्रभाई बाफना ने वासक्षेप डालकर ओउम पुण्याहम, पुण्याहम, पियंताम, पियंताम के जयकारों की गूंज के बीच मंदिर के शिखर पर बाफना परिवार ने पुण्डरिक स्वामी जिनालय पर गिरीश छाजेड़ व दादवाड़ी पर पवन कोठारी और जय बाफना ने विजय मुहूर्त में ध्वजा चढाई। इस अवसर पर महाआरती व मंगलदीवा के साथ शांति कलश का विधान हुआ। महापूजन में राजू व्यास ने भक्ति संगीत की स्वर लहरियां बिखेरी गई, जिसमें कई श्रद्वालु भाव विभोर हो गए। ध्वजारोहण समारोह में ट्रस्टी नेमीचंद जैन, महेन्द्रकुमार राखेचा, अर्जुन भंसाली, व्यवस्थापक विमल जैन, महावीर उत्कर्ष भवन के व्यस्थापक डूॅगरसिंह, पुजारी ललीत सेवक, मुरारीलाल, गोविन्द प्रजापत, हरीसिंह, लालसिंह, रामसिंह के साथ ही मंहिला मंडल से हेमलता बाफना व कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।