स्वर्णनगरी में मौसम के मिजाज अब पूरी तरह से गर्मी की तरफ बढ़ते हुए महसूस हो रहे हैं। बीती रात पहली बार इस सीजन में न्यूनतम पारा 25 डिग्री के अंक को पार कर गया।
स्वर्णनगरी में मौसम के मिजाज अब पूरी तरह से गर्मी की तरफ बढ़ते हुए महसूस हो रहे हैं। बीती रात पहली बार इस सीजन में न्यूनतम पारा 25 डिग्री के अंक को पार कर गया। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 35.0 व 25.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले यह क्रमश: 35.8 और 22.6 डिग्री रहा था। इस तरह से रात का पारा 2.6 डिग्री बढ़ गया। सोमवार को दिन में धूप की तल्खी के साथ हवा के रुके रहने से गर्मी का अहसास गहरा गया। घरों व दुकानों आदि ेमें अब पंखों के अलावा कूलर व एयरकंडीशनर का उपयोग शुरू हो गया है।
रात के समय घरों में उमस का वातावरण बन जाता है। जिसके चलते पंखों की हवा नाकाफी अनुभव की जा रही है। गर्मी के बढ़ते प्रभाव के बीच शहर में जगह-जगह गन्ने के रस और अन्य शीतल पेय बेचने वाले अपने ठेले व दुकानें स्थापित कर चुके हैं। इन स्थानों पर अच्छी ग्राहकी का मंजर नजर आता है। आने वाले कुछ दिनों में आसमान में बड़े पैमाने पर बादल छाए रहेंगे और तापमान 35 डिग्री के आसपास रहने वाला है।
पोकरण. क्षेत्र में मौसम में हो रहे बदलाव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। सोमवार को सुबह बारिश के बाद तेज धूप निकली और दोपहर बाद फिर बादलों की आवाजाही हुई। सोमवार को सुबह 6 बजे आसमान में घने काले बादल छा गए और हल्की रिमझिम फुहारें चली। सुबह करीब 7.30 बजे हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। इसके बाद 9 बजे तक रुक-रुककर कभी बूंदाबांदी तो कभी हल्की बारिश का दौर चला। जिससे मौसम सुहावना हो गया। इसके साथ ही कस्बे की सड़कें तर हो गई और कई जगहों पर पानी भर गया। कस्बे के तहसील कार्यालय में लगे रेनगेज के अनुसार 1 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। सुबह 10 बजे बाद सूर्य की तेज किरणें निकली। जिससे दोपहर में मौसम गर्मी जैसा हो गया। 3 बजे बाद फिर बादलों की आवाजाही शुरू हुई और मौसम धूप-छांव का हो गया। बदलते मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मोहनगढ़ क्षेत्र में पिछले दो दिनों से बदले मौसम के बीच सोमवार को तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सुबह से ही तेज हवाओं का दौर जारी रहा, जिसके साथ उड़ती रेत ने चारों ओर धूल भरा माहौल बना दिया। नहरी क्षेत्र में रेत के उड़ने से दृश्यता कम हो गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। राहगीरों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं दुपहिया व खुले वाहनों में सफर करना भी दुश्वार हो गया।तेज हवाओं का असर कृषि कार्यों पर भी देखने को मिला। खेतों में काटकर रखी गई फसलें हवा के कारण इधर-उधर उड़ने लगीं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई। कस्बे में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रेत की परत जम गई। गृहिणियों को दिनभर सफाई में मशक्कत करनी पड़ी। तेज हवाओं के कारण पूरे दिन वातावरण में शोर बना रहा और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती रही।