
जैसलमेर. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ज्ञान और पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रीडिंग प्रमोशन अभियान शुरू किया जाएगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत यह अभियान 29 जुलाई से प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में लागू होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नियमित पढ़ने की आदत विकसित करना, भाषा दक्षता बढ़ाना और सीखने की गुणवत्ता में सुधार लाना है। अभियान के तहत विद्यालयों में केवल पाठ्यपुस्तकों तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को कहानी, कविता, बाल साहित्य, प्रेरक पुस्तकों और अन्य रोचक पठन सामग्री से भी जोड़ा जाएगा। पुस्तकालयों को अधिक सक्रिय बनाया जाएगा तथा बच्चों को स्वैच्छिक पठन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे उनकी कल्पनाशक्ति, अभिव्यक्ति क्षमता, शब्द भंडार और विषयों की समझ बेहतर होने की उम्मीद है।
पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान कहानी लेखन, कविता पाठ, पुस्तक समीक्षा, पुस्तक प्रदर्शनी, पठन प्रतियोगिता और समूह वाचन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान में शिक्षकों के साथ अभिभावकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि विद्यालय से लेकर घर तक पढ़ने का अनुकूल वातावरण तैयार हो सके।
गुरु पूर्णिमा का संदेश केवल गुरु सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान अर्जित करने और सीखने की निरंतर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भी प्रतीक है। इसी सोच के साथ शुरू किया जा रहा यह अभियान विद्यार्थियों में आजीवन पढ़ने की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो सकता है।
- डॉ. गौरव बिस्सा, मोटिवेशनल स्पीकर
जैसलमेर. राजकीय कन्या महाविद्यालय जैसलमेर में रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण, नई किरण- नशा मुक्ति सेल एवं मानसिक स्वास्थ्य सेल के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा, नशा मुक्ति तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना था। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम समन्वयक उमेश आचार्य ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नशे के दुष्प्रभाव, इसकी लत से बचाव के उपाय तथा राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। आचार्य ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य गणेश कुमार ने आत्मरक्षा एवं नशा मुक्ति के महत्त्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वासी, सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।