पाकिस्तान सीमा से सटे जैसलमेर ज़िले सरहदी गांव में उस समय एक अलग ही दृश्य नजर आया, जब तनोट राय माता की छांव में फिल्मों के परदे से उतरकर सनी देओल खुद पहुंचे।
पाकिस्तान सीमा से सटे जैसलमेर ज़िले सरहदी गांव में उस समय एक अलग ही दृश्य नजर आया, जब तनोट राय माता की छांव में फिल्मों के परदे से उतरकर सनी देओल खुद पहुंचे। बुधवार को प्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल ने तनोट माता मंदिर में दर्शन कर अपनी आगामी फिल्म 'जाट' की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा। बीएसएफ जैसलमेर सेक्टर के उप महानिरीक्षक योगेन्द्र सिंह राठौड़ ने मंदिर परिसर में उनका आत्मीय स्वागत किया।
तनोट माता मंदिर से सनी देओल का रिश्ता सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि सिनेमा और देशभक्ति के ऐतिहासिक दृश्य का है। बॉर्डर फिल्म की शुरुआत इसी मंदिर से होती है, जिसने देश के जनमानस में तनोट को अमर बना दिया। फिर गदर-2 के प्रमोशन के वक्त भी उन्होंने यहीं आकर नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया था, और फिल्म ने रिकॉर्ड सफलता अर्जित की थी।इस बार भी सनी देओल तनोट की रेत में उसी विनम्रता और श्रद्धा के साथ आए—और मां तनोट राय के दरबार में झुककर अगली फिल्म की सफलता की मन्नत मांगी।
पूजा के बाद मंदिर परिसर में फिल्म च्बॉर्डरज् और च्गदरज् के प्रसिद्ध देशभक्ति गीत गूंज उठे, और उनके सुर में सुर मिलाते नजर आए बीएसएफ के जवान। सनी देओल ने संदेशे आते हैं और गदर के लोकप्रिय गीतों पर जवानों संग थिरकते हुए माहौल में उत्साह का संचार कर दिया।
सनी देओल ने इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल के जवानों से संवाद करते हुए कहा—'रेगिस्तान की तपन में, तूफानों की तेज़ी में, और गोलियों की आहट के बीच डटे रहना ही सच्ची देशभक्ति है। देश को आप पर गर्व है। उन्होंने बीएसएफ के सेवा और समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की और तनोट माता से देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले हर वीर के लिए मंगलकामना की। गौरतलब है कि सनी की फि़ल्म 'जाट' 10 अप्रेल को रिलीज होगी।